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सर्दियों में गुलदाउदी के पौधे पर ढेरों फूल पाने के लिए सही देखभाल जरूरी है. अगस्त में पौधे की कटाई-छंटाई करें. इसे भुरभुरी मिट्टी और बड़े गमले में लगाएं. पौधे को रोजाना 7-8 घंटे धूप दिखाएं. नीम के तेल से कीटों से बचाएं। शाखाओं को लकड़ी का सपोर्ट दें.
बोकारोः सर्दियों का मौसम आते ही गार्डनिंग के शौकीनों के बीच गुलदाउदी के फूलों की मांग और आकर्षण बढ़ जाता है. अपनी खूबसूरत रंग-बिरंगी पंखुड़ियों और मनमोहक खुशबू के कारण यह पौधा घरों की बालकनी और गार्डन की शोभा बढ़ाता है. हालांकि, कई बार सही देखभाल नहीं होने के कारण गुलदाउदी के पौधे में कलियां कम आती हैं और फूल खिलने में समस्या देखने को मिलती है. ऐसे में बोकारो के ठाकुर नर्सरी के एक्सपर्ट अभिषेक ने गुलदाउदी के पौधे की देखभाल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण टिप्स साझा की है.
नर्सरी एक्सपर्ट अभिषेक ने बताया कि गुलदाउदी का पौधा सर्दियों में खूबसूरत फूल देने वाला खास पौधा है. इसकी एक खासियत यह है कि इसके फूलों में हल्की मनमोहक खुशबू होती है. वहीं गुलदाउदी लगाने के लिए अगस्त का महीना बेहतर माना जाता है. इस दौरान पौधे को सही तरीके से तैयार करने के साथ उसकी कटाई-छंटाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. क्योंकि इस समय पर प्रूनिंग करने से पौधे में नई शाखाएं निकलती हैं और सर्दियों में फूल आने में मदद मिलती है.
वहीं, गुलदाउदी के बेहतर विकास के लिए हमेशा भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए और गुलदाउदी के पौधे के लिए करीब आठ से 10 इंच या उससे बड़े आकार का गमला बेहतर रहता है. मिट्टी के गमले में पौधा लगाना अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें अतिरिक्त पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद होने पर जड़ों में पानी जमा होने और सड़न की समस्या से बचाव में मदद मिलती हैं.
रोजाना 7 से 8 घंटे दें धूप
गुलदाउदी के पौधे में अच्छी कलियां और फूल विकसित होने के लिए पर्याप्त धूप जरूरी है. इसके लिए पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 7 से 8 घंटे धूप मिल सके. पर्याप्त रोशनी मिलने से पौधे का विकास बेहतर होता है और फूल आने में भी मदद मिलती है. वहीं गुलदाउदी के पौधे में जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए और मिट्टी की नमी देखकर ही सिंचाई करनी चाहिए.
फंगस और कीटों से ऐसे करें बचाव
गुलदाउदी के पौधे में फंगस और ब्लैक एफिड जैसे कीटों का प्रकोप देखने को मिल सकता है. जिससे पौधे की पत्तियों और नई शाखाओं पर असर पड़ता है. ऐसे में समय-समय पर पौधे की पत्तियों की जांच करें और कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर नीम तेल घोल का छिड़काव कर पौधे को सुरक्षित कर सकते हैं.
आमतौर पर गुलदाउदी के पौधे में कलियां नहीं आने के पीछे गलत समय पर कटाई-छंटाई करना, अधिक मात्रा में खाद और पानी देना होता है. जिससे फूल आने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
पौधे को लकड़ी का सपोर्ट देना जरूरी
गुलदाउदी के पौधे में जब अधिक संख्या में कलियां आने लगती हैं, तो फूलों और शाखाओं के वजन के कारण इसकी टहनियां झुकने या टूटने लगती हैं. ऐसे में पौधे को सहारा देने के लिए लकड़ी या पतली डंडी का सपोर्ट तैयार करना चाहिए. इससे पौधे की शाखाएं एक आकार में रहती हैं. पौधे का घना विकास होने में मदद मिलती है साथ ही फूलों से लदी टहनियों के टूटने का खतरा भी कम होता है और पौधे का विकास तेजी से होता है.
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प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…