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ICSE Result 2026: 99.2% के साथ 10वीं में जिला टॉप करने वाले...


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Bokaro ICSE Topper: बोकारो के सेंट जेवियर स्कूल के आरुष सिंह ने आईसीएसई यानी दसवीं में 99.2 अंक लाकर जिले में टॉप किया है. आरुष ने अपनी स्ट्रेटजी शेयर करते हुए कहा कि खुद को मशीन न समझें और ब्रेक लेते हुए ही पढ़ाई करें. उन्होंने रटने को गलत बताया और प्रैक्टिस को महत्वपूर्ण बताया.

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बोकारो. बोकारो जिले के सेक्टर-1 स्थित सेंट जेवियर स्कूल के मेधावी छात्र आरुष सिंह ने इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99.2% अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. लोकल 18 से खास बातचीत में आरुष सिंह ने बताया कि वे अपने परिणाम से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जिला टॉपर बनने की उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा था कि ईमानदारी से की गई मेहनत का फल उन्हें जरूर मिलेगा. आरुष ने रूटीन का जिक्र करते हुए बताया कि रोजाना लगभग 6 घंटे पढ़ाई करते थे, जबकि परीक्षा के अंतिम महीनों में उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय बढ़ाकर 12 घंटे से भी अधिक कर दिया था.

ऐसे मिली सफलता
अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए आरुष ने कहा कि किसी भी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स का अभ्यास बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है और बेहतर अंक हासिल किए जा सकते हैं. परीक्षा के दौरान आई चुनौतियों पर बात करते हुए आरुष ने बताया कि पढ़ाई के दौरान डिस्ट्रैक्शन होना सामान्य बात है, लेकिन टाइम मैनेजमेंट से इसे ठीक किया जा सकता है.

दुखद यह है कि परीक्षा से करीब दो हफ्ते पहले उनके नाना जी का निधन हो गया था, जो उनके लिए बेहद कठिन समय था, क्योंकि वे बचपन से नाना-नानी के साथ जुड़े रहे हैं. इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई पर ध्यान बनाए रखा.

खुद को रोबोट न समझें
प्रोडक्टिव रहने के लिए आरुष ने कहा कि खुद को रोबोट नहीं समझना चाहिए, बल्कि पढ़ाई के बीच-बीच में आराम करना जरूरी है और खासकर नाइट स्टडी के दौरान उन्होंने 80-20 रूल अपनाया, जिससे उन्हें फोकस बनाए रखने और बेहतर परिणाम पाने में मदद मिली. यानी जो भी पढ़ो भले वह 30 परसेंट सिलेबस हो पर उससे 80 परसेंट रिटर्न मिलना ही चाहिए.

बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को आरुष ने सलाह दी है कि केवल रटने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लियर होना बहुत जरूरी है, क्योंकि समझकर पढ़ी गई चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है.

परिवार में कौन-क्या करता है
पारिवारिक पृष्ठभूमि का लेकर आरुष ने कहा कि उनके पिता मुकेश सिंह एक इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां पूनम कुमारी शिक्षिका हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, नाना-नानी और स्कूल के शिक्षकों को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. विषयवार अंकों की बात करें तो बोकारो के आरुष ने गणित में 100, विज्ञान में 98, इंग्लिश में 97, हिंदी में 100, सोशल साइंस में 100 और इकोनॉमिक एप्लिकेशन में 99 अंक प्राप्त किए हैं.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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