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झारखंड में क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कांग्रेस के मंत्रियों पर निशाना साधा है। पलामू दौरे पर पहुंचे रघुवर दास ने कहा कि भाषा समाज को जोड़ने का माध्यम होती है, उसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के मंत्री सरकार में रहकर विरोध का नाटक कर रहे हैं। रघुवर दास ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस के चारों मंत्री मौजूद थे और भाषा संबंधित निर्णय उनकी सहमति से लिया गया था। अब बैठक से बाहर निकलकर पत्र लिखना और विरोध जताना केवल राजनीतिक दिखावा है। क्षेत्रीय भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस के मंत्रियों को वास्तव में भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाए जाने पर आपत्ति है, तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भाषाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। जिस जिले में जिस भाषा को बोलने वालों की संख्या अधिक है, वहां शैक्षणिक कार्यों में उस भाषा को उचित महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाएं क्षेत्र की पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हैं, और इनके सम्मान के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रघुवर दास ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में शामिल रहकर फैसलों का समर्थन करना और बाद में जनता के बीच जाकर विरोध करना दोहरी राजनीति है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और ऐसे विरोध की सच्चाई को समझती है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं के सम्मान के लिए सरकार से सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया, ताकि राज्य के किसी भी व्यक्ति की भावनाएं आहत न हों।
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