JSSC-JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ 24 दिन से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार के एक फैसले ने 2434 युवाओं की नौकरी पर संकट खड़ा कर दिया है। इनमें TDPL की ओर से कराई गई 9 परीक्षाओं से 502 पदों पर भर्ती होनी थी, जबकि JSSC-CGL के जरिए
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सरकार ने अब JSSC-CGL की नियुक्ति रद्द करने के साथ TDPL द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया है। कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब ऑपरेशन शुरू हुआ है तो इसे पूरी तरह से किया जाना चाहिए।
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सीएम ने JSSC-CGL की नियुक्ति रद्द करने के साथ TDPL द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया है।

फैसला आने के बाद JSSC-CGL पास उम्मीदवार सचिवालय गेट पर बैठ गए।

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि अभी हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
2014 से अब तक की नियुक्तियों की होगी जांच
सरकार ने TDPL की ओर से ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने के साथ वर्ष 2014 से अब तक हुई नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराने का भी निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जो इन परीक्षाओं के जरिए नौकरी पाने की तैयारी कर रहे थे या नियुक्त हो चुके हैं। TDPL की 9 परीक्षाओं के माध्यम से 502 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी।
वहीं JSSC-CGL परीक्षा के माध्यम से 1932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी थी। नियुक्तियां रद्द होने के बाद इन युवाओं के सामने नौकरी बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे थे।

जुलाई से सितंबर तक होनी थीं मुख्य परीक्षाएं
TDPL की ओर से आयोजित या प्रस्तावित 9 भर्ती परीक्षाओं के जरिए 502 पदों पर नियुक्ति होनी थी। इनमें संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के 103 पद शामिल हैं। इसकी मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित थी, जिसे पहले ही स्थगित किया जा चुका था।
वहीं संयुक्त असैनिक सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 के 7 पदों के लिए 1 से 3 अगस्त और बैकलॉग परीक्षा-2025 के 45 पदों के लिए 8 से 10 अगस्त को मुख्य परीक्षा होनी थी, दोनों परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई थीं।
सबसे अधिक 138 पदों पर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की भर्ती होनी थी, जिसकी मुख्य परीक्षा 6 और 7 सितंबर को प्रस्तावित थी। इसके अलावा सहायक लोक अभियोजक बैकलॉग के 26 पदों के लिए 8 से 12 सितंबर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज के 14 पदों के लिए 11 और 12 सितंबर को परीक्षा होनी थी। प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष के 30 पदों के लिए 19 और 20 सितंबर को लिखित परीक्षा प्रस्तावित थी।

अलग-अलग विभागों के 138 पदों पर भी भर्ती
TDPL के जरिए सहायक लोक अभियोजक के नियमित 134 पदों पर भर्ती होनी थी। इसके लिए मुख्य परीक्षा 25 से 29 सितंबर तक प्रस्तावित थी। वहीं बॉयलर इंस्पेक्टर के 5 पदों के लिए 26 और 27 सितंबर को लिखित परीक्षा होनी थी।
खास बात यह है कि टीडीपीएल ने 26 अप्रैल को झारखंड पात्रता परीक्षा (JTET) की पीटी भी ली थी, लेकिन अभी तक इसका रिजल्ट जारी नहीं हुआ था। ऐसे में इस परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है।
JSSC-CGL से 1932 अभ्यर्थियों का हुआ था चयन
JSSC-CGL के जरिए झारखंड में कुल 1932 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। इनमें सबसे ज्यादा 863 अभ्यर्थी सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर चयनित हुए। इसके बाद कनीय सचिवालय सहायक के 335, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के 252, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के 195, अंचल निरीक्षक-सह-कानूनगो के 185 और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के 182 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

इसके अलावा प्लानिंग असिस्टेंट के 5 पद और बैकलॉग के 8 पदों पर भी नियुक्ति की गई। इस तरह JSSC-CGL के माध्यम से कुल 1932 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली थी। सरकार की ओर से JSSC-CGL नियुक्ति रद्द करने की घोषणा के बाद इन सभी चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।