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भारत से शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश के विरोध पर विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि इस निजी कार्यक्रम से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है और न ही वह इन बयानों का समर्थन करती है. वहीं FCRA बिल पर अमेरिकी सांसद के सवाल को आंतरिक मामला बताकर खारिज किया. इसके अलावा सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच रक्षा समझौते पर भी भारत पैनी नजर बनाए हुए है.
भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है.
भारत की सरजमीं से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर ढाका में जो सियासी भूचाल आया उसने भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक पारे को अचानक सातवें आसमान पर पहुंचा दिया. शेख हसीना के बयानों से तिलमिलाए बांग्लादेश ने जब अपनी भड़ास निकाली और भारत पर सवाल उठाए तो भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी कोई गोलमोल जवाब देने के बजाय खुलकर खरी-खरी सुना दी. साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है. बांग्लादेश के आक्रोश पर भारत का रुख एक दम साफ-सुथरा और स्पष्ट है.
शेख हसीना के बयान पर बांग्लादेश को जवाब
शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश सरकार के आक्रोश और आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत की भूमिका को पूरी तरह अलग बताया:
• सरकार का कोई रोल नहीं: MEA ने स्पष्ट किया कि शेख हसीना के इस कार्यक्रम के आयोजन में भारत सरकार का किसी भी तरह का कोई रोल नहीं था.
• निजी कार्यक्रम था: विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पूरी तरह से एक निजी कार्यक्रम था और इसमें भारत सरकार की कोई सहभागिता नहीं थी.
• बयानों से दूरी: भारत ने दोटूक लहजे में कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान शेख हसीना द्वारा कहे गए शब्दों या दिए गए बयानों का भारत सरकार समर्थन नहीं करती है.
FCRA बिल पर अमेरिकी सांसद को करारा संदेश
फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) बिल को लेकर अमेरिकी सांसद द्वारा उठाए गए सवालों और चिंताओं को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया:
• आंतरिक मामला: विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि FCRA बिल पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है.
• संसद की संप्रभुता: MEA ने दोहराया कि देश के विधायी मामलों में हमारी संसद ही अंतिम फैसला करती है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है.
• ग्लोबल प्रैक्टिस का हवाला: भारत ने अमेरिका को आईना दिखाते हुए कहा कि खुद अमेरिका समेत दुनिया के कई ऐसे देश हैं जो अपने यहां आने वाले विदेशी फंड को रेगुलेट करते हैं, इसलिए भारत द्वारा ऐसा करना बिल्कुल तर्कसंगत है.
सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान समझौते पर भारत की नजर
हाल ही में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए त्रिस्तरीय रक्षा व रणनीतिक समझौतों से जुड़े सवालों पर भी विदेश मंत्रालय ने भारत का पक्ष रखा:
• MEA का बयान: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम और इस क्षेत्र में बन रहे नए समीकरणों पर अपनी पैनी नजर (Keeping a Close Watch) बनाए हुए है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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