रांची20 घंटे पहलेलेखक: नीलमणि
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शोकॉज की कॉपी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विशेष ऑडिट में हुआ वित्तीय अनियमितता का खुलासा राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां टेंडर की बजाय कोटेशन से 26.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की दवा और अन्य सामग्री खरीद ली गई। जिला स्तर के अलावा ब्लॉक स्तर पर भी नियमों की अनदेखी की गई। विशेष ऑडिट में इसका खुलासा हुआ है। ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की है। इसके बाद एनएचएम के वित्त निदेशक ने रांची के सिविल सर्जन को शोकॉज कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सभी खरीद कोटेशन प्रक्रिया से की गई, जबकि इतनी बड़ी राशि के लिए टेंडर अनिवार्य था। खरीद की सूचना भी नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाई गई, जबकि नियम के मुताबिक खरीद प्रक्रिया शुरू करने से पहले नोटिस लगाना अनिवार्य होता है।
नौ बड़े भुगतान, जिनके कागज उपलब्ध नहीं कराए गए
| कंपनी | भुगतान (रुपए में) |
| एआर इंडस्ट्रीज | 1,00,22,648 |
| एजीएस एंटरप्राइजेज | 4,16,42,357 |
| क्यूरिंग फार्मास्यूटिकल्स | 5,49,35,356 |
| हिंद इंफ्राप्रोजेक्ट | 8,18,45,176 |
| मां भगवती | 1,33,83,320 |
| मां देउरी फार्मास्यूटिकल्स | 1,87,53,535 |
| मां सारदा इंटरप्राइजेज | 2,32,94,327 |
| महाबाला इंटरप्राइजेज | 2,66,78,196 |
| पलामू इंटरप्राइजेज | 1,90,32,056 |
ऑडिट के दौरान इन कंपनियों को किए गए भुगतान से जुड़ी फाइलें मांगी गई, लेकिन जिला स्वास्थ्य समिति कोई कागजात नहीं दिखा सकी। ऑडिटर ने पूरे सिस्टम पर सवाल उठाया है। आशंका जताई है कि खास व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए यह खेल किया गया।
1025 समितियों और 241 उपकेंद्रों में बांटे 1.99 करोड़, हिसाब नहीं रांची जिले के 18 प्रखंड में से 14 प्रखंड का भी ऑडिट किया गया। 14 प्रखंड में एनएचएम के तहत 1025 ग्राम स्वास्थ्य समितियों को एक करोड़ दो लाख 50 हजार रुपये जबकि 241 उपकेंद्र को 96 लाख 97 हजार रुपए बांटे गए। ऑडिट के दौरान खर्च के उपयोग का प्रमाण पत्र भी नहीं दिखाया जा सका।
13 ब्लॉक में शत-प्रतिशत खरीद कोटेशन से ही रातू, नामकुम, चान्हो, सदर अस्पताल रांची सहित जिले के 18 में से 13 ब्लॉक में वित्त वर्ष 2024-25 में शतप्रतिशत दवा व अन्य सामग्रियों की खरीद टेंडर की बजाय कोटेशन से ही हुआ है। इस पर भी ऑडिट में सवाल उठाये गए हैं।
मुझे शोकॉज की जानकारी नहीं.. मैं दो-तीन दिनों से बाहर हूं। मुझे शोकॉज की जानकारी नहीं है। बिना लेटर देखे किसी प्रकार का कमेंट नहीं कर सकता। -डॉ. प्रभात कुमार, सिविल सर्जन रांची
जननी सुरक्षा योजना…कागजों पर ‘मदर’, रिकॉर्ड से गायब ऑडिट में जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत चान्हो, नामकुम और जिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के बाद मां को दी जानेवाली 1400 रुपए की सहायता राशि के भुगतान में भी गड़बड़ी सामने आई है। इन स्थानों पर वित्त वर्ष 2024-25 में 5719 महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया। इस मद में कुल 80,06,100 रुपए खर्च हुए। कई जगह भुगतान का तो जिक्र है, लेकिन जिन महिलाओं का इसका लाभ मिलना चाहिए था, उनका नाम रिकॉर्ड से गायब है।
ये है गड़बड़ी का कच्चा-चिट्ठा
| ब्लॉक | लाभार्थी | राशि (रुपए में) | ऑडिटर टिप्पणी |
| चान्हो | 918 | 12,85,200 | “मदर जेएसवाई” रिकॉर्ड नहीं मिला |
| नामकुम | 267 | 3,73,800 | लाभार्थी विवरण संदिग्ध |
| रातू | 2,512 | 35,16,300 | संख्या असामान्य रूप से अधिक |
| सदर, रांची | 2,022 | 28,30,800 | रिकॉर्ड सत्यापन जरूरी |
इन बिंदुओं पर सवाल : जननी सुरक्षा योजना में पैसे सिर्फ गर्भवती महिला (मदर) को मिलना चाहिए, लेकिन कई एंट्री में लोगों को भुगतान दिखाया गया है। असली महिला लाभार्थी का रिकॉर्ड नहीं मिला।
