नगालैंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है. रविवार को मोन जिले की डिफेंस कॉलोनी में हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी. इस हादसे में बच्चों समेत कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मकान मलबे में दब गए. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन लगातार बारिश और अस्थिर पहाड़ी इलाकों के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक चार शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि चार अन्य शवों के भी मलबे में दबे होने की पुष्टि हुई है. आशंका है कि कुछ और लोग भी मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए राहत अभियान चौबीसों घंटे जारी रखा गया है.
15 मकान मलबे में दबे, कई परिवार बेघर
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, भूस्खलन की चपेट में आने से डिफेंस कॉलोनी के करीब 15 मकान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. कई परिवारों का पूरा आशियाना मलबे में तब्दील हो गया.
घटना के बाद असम राइफल्स, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नागालैंड पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया. भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है.
बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती
अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश, दलदली जमीन, जलभराव और पहाड़ी इलाकों की अस्थिर ढलानों के कारण राहत अभियान बार-बार प्रभावित हो रहा है. कई जगहों पर भारी मशीनें भी आसानी से नहीं पहुंच पा रही हैं.
बचाव दल हर संभावित स्थान पर तलाश कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति मलबे में फंसा न रह जाए.
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 74 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, अस्थायी आश्रय, दवाइयां और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
संकट में कई जिले
लगातार बारिश का असर सिर्फ मोन जिले तक सीमित नहीं है. मोकोकचुंग जिले के तुली उपमंडल, वोखा समेत राज्य के कई इलाकों में भी भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, सड़कें धंसने और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA), जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं.
वोखा जिले में एडवाइजरी जारी
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए वोखा जिला प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है. लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहें.
प्रशासन ने कहा है कि जिन इलाकों में जमीन में दरारें, मिट्टी खिसकने या रिटेनिंग दीवारों के कमजोर होने के संकेत दिख रहे हैं, वहां रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देश मिलते ही सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
वाहन चालकों को पानी में डूबी सड़कों और पुलों से गुजरने से बचने की सलाह दी गई है. बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.
हाई अलर्ट पर प्रशासन
राज्य सरकार ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखते हुए राहत एवं बचाव एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं. सड़क संपर्क बहाल करने, आवश्यक सेवाएं शुरू कराने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत जिला प्रशासन या पुलिस को दें.