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एनटीए के अनुसार, नीट परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद सात मई की शाम को कथित अनियमितताओं की सूचना प्राप्त हुई. एनटीए ने बताया कि स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए अगली सुबह ही यह सूचना केंद्रीय एजेंसियों को भेज दी गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हो गई.
मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है.
नई दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को जीव विज्ञान की उस प्रवक्ता को गिरफ्तार कर लिया जो तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की समिति का हिस्सा थीं. यह गिरफ्तारी प्रश्नपत्र लीक मामले में कथित सरगना पी.वी. कुलकर्णी और अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर की गई है. सीबीआई ने बताया कि जीव विज्ञान की प्रवक्ता मनीषा मंधारे को यहां एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों ने बताया कि वह कथित तौर पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थीं और एनटीए द्वारा विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त की गई थीं. अधिकारियों ने बताया कि मंधारे के पास वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी.
मनीषा गुरुनाथ मंधारे जिस कॉलेज मे पढ़ाती थी उसकी प्रिंसिपल निवेदिता एकबोटे ने कहा, “मुझे अभी मीडिया से पता चला है कि मनीषा मंधारे को NEET मामले में गिरफ्तार किया गया है. वह पिछले 24 वर्षों से यहां कार्यरत हैं. मेरी जानकारी के अनुसार, वह पिछले 5 से 6 वर्षों से NTA पैनल की सदस्य थीं. वह NTA के गोपनीय विभाग के लिए काम कर रही थीं. गोपनीयता का एक प्रावधान है, इसलिए हम, एक कॉलेज के रूप में, NTA के सदस्यों और NTA के बीच के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. इसलिए, हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वह पेपर सेटिंग आदि के लिए NTA कब गई थीं, क्योंकि NTA और वह सीधे संपर्क में हैं. इसलिए मुझे यह जानकारी मिली है. मेरी जानकारी के अनुसार, किसी भी कानूनी प्राधिकरण, चाहे वह CBI हो, NTA हो या शिक्षा मंत्रालय, ने हमसे संपर्क नहीं किया है.”
आरोप है कि मंधारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिन्हें 14 मई को गिरफ्तार किया गया था) के माध्यम से अप्रैल 2026 में नीट के संभावित अभ्यर्थियों को जुटाया और पुणे स्थित उनके आवास पर इन अभ्यर्थियों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित की गईं. आरोप है कि मंधारे ने लीक हुए प्रश्न और उनके उत्तर चुनिंदा छात्रों को लिखवाए और इसके बदले में लाखों रुपये शुल्क के रूप में वसूले. इनमें से अधिकांश प्रश्न तीन मई को आयोजित परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते थे. प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद तीन मई को आयोजित नीट-यूजी को रद्द कर दिया गया. सीबीआई ने 15 मई को लातूर से रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया. कुलकर्णी कई वर्ष से नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों में कार्यरत थे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें