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NIT vs IIT Fees Refund Rules: अगर जोसा काउंसलिंग में पहले NIT में सीट मिली और बाद में एडमिशन IIT में पक्का हो गया तो क्या NIT की फीस वापस मिलेगी? जानिए सीट अपग्रेड होने पर फीस ट्रांसफर और रिफंड से जुड़े जोसा (JoSAA) के सभी जरूरी और आसान नियम.
NIT vs IIT Fees Refund Rules: एनआईटी और आईआईटी की फीस का अंतर बैलेंस कर दिया जाता है
नई दिल्ली (Fees Refund Rules). इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए जोसा (JoSAA) काउंसलिंग किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं होती. कई बार शुरुआती राउंड्स में स्टूडेंट्स को किसी बेहतरीन एनआईटी में सीट मिल जाती है और वे फीस जमा करके सीट लॉक कर लेते हैं. फिर आगे के राउंड्स में उन्हें IIT में सीट अलॉट हो जाती है. आईआईटी मिलने की खुशी तो सातवें आसमान पर होती है, लेकिन इसके ठीक बाद एक सवाल सामने आता है- NIT में जमा की गई लाखों की फीस का क्या होगा? क्या रिफंड मिलेगा?
जोसा काउंसलिंग के दौरान: ऑटोमैटिक फीस ट्रांसफर का जादू
अगर सीट अपग्रेडेशन JoSAA के रेगुलर राउंड्स के बीच हो जाता है तो रिफंड के लिए कहीं चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. जोसा का ऑनलाइन पोर्टल सेंट्रलाइज्ड होता है. इसका मतलब है कि जब आप एनआईटी की सीट मिलने पर ‘Seat Acceptance Fee’ (SAF) या ‘Partial Admission Fee’ (PAF) जमा करते हैं और बाद में आईआईटी मिल जाता है तो वह पैसा ऑटोमैटिकली आईआईटी के खाते में एडजस्ट कर दिया जाता है. आपको सिर्फ दोनों कॉलेजों की फीस का अंतर (अगर IIT की फीस ज्यादा है तो) जमा करना होगा.
काउंसलिंग से खुद हटने (Withdraw) पर क्या हैं नियम?
कई बार स्टूडेंट्स जोसा के आखिरी राउंड से पहले अपनी एनआईटी की सीट को खुद सरेंडर या Withdraw करने का फैसला लेते हैं, जिससे वे दूसरे ऑप्शन की तरफ जा सकें. अगर आप जोसा की तय समय-सीमा (Withdrawal Window) के अंदर पोर्टल पर जाकर सीट छोड़ते हैं तो जोसा महज 2,000 से 7,000 रुपये के बीच की प्रोसेसिंग फीस काटता है. इसके बाद बची हुई पूरी रकम उसी बैंक खाते में वापस (Refund) भेज दी जाती है, जिसकी डिटेल आपने काउंसलिंग फॉर्म भरते समय दी थी.
कॉलेज शुरू होने के बाद सीट छोड़ना: यहां बदल जाते हैं नियम
असली पेंच तब फंसता है जब आप एनआईटी में जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग कर चुके होते हैं, वहां के हॉस्टल और सेमेस्टर की फीस भर चुके होते हैं और उसके बाद एडमिशन आईआईटी में तय होता है. ऐसे मामलों में जोसा की भूमिका खत्म हो जाती है और सीधे एनआईटी के नियम लागू होते हैं. यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और AICTE की गाइडलाइंस के अनुसार, अगर क्लासेस शुरू होने या एडमिशन की लास्ट डेट से पहले सीट छोड़ते हैं तो कॉलेज को प्रोसेसिंग फीस काटकर आपकी बाकी रकम लौटानी होगी.
रिफंड पाने के लिए इन 3 बातों का रखें ख्याल
एनआईटी से अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे:
- डेडलाइन न भूलें: जोसा के पोर्टल पर सीट विथड्रॉ करने की आखिरी तारीख पर नजर रखें. अंतिम राउंड के बाद जोसा रिफंड नहीं देता.
- एनआईटी एडमिशन सेल से संपर्क: अगर मामला कॉलेज स्तर का है तो तुरंत एनआईटी की वेबसाइट से ‘Fee Refund Form’ डाउनलोड करें और उसे सही बैंक डिटेल्स के साथ जमा करें.
- डॉक्यूमेंट्स संभालकर रखें: अपने सभी अलॉटमेंट लेटर, फीस की रसीदें और कैंसिल्ड चेक को हमेशा तैयार रखें. रिफंड की अर्जी लगाते समय इनकी सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें