भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Nitish Kumar RCP Singh Meeting inside story | nishant kumar


Last Updated:

Nitish Kumar RCP Singh Meeting inside story : बिहार की राजनीति में शनिवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने नए सियासी समीकरणों को जन्म दे दिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने अचानक नीतीश कुमार से मुलाकात की और खुद को जेडीयू में बताते हुए ‘घर वापसी’ के संकेत दिए. जानिए इस हाई-वोल्टेज मुलाकात के मायने और पर्दे के पीछे की पूरी कहानी.

नीतीश-आरसीपी मुलाकात की पूरी इनसाइड स्टोरी, निशांत ने कराई सेटिंग?Zoom

नीतीश-आरसीपी में मुलाकात के मायने क्या हैं?

पटना. ‘इंतजार कीजिए, समय-काल पर छोड़ दीजिए… हम तो जेडीयू में हैई हैं मानकर चलिए न…’ पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह के इस बयान और पटना के 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले से आई एक तस्वीर ने बिहार की पूरी सियासत में भूचाल ला दिया है. लगभग 4 साल की लंबी कड़वाहट, आरोप-प्रत्यारोप और बीजेपी-जन सुराज का चक्कर काटने के बाद आखिरकार शनिवार को आरसीपी सिंह अपने पुराने बॉस और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे. इस मुलाकात को आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया पर बेहद आत्मीय बताया है. लेकिन इस मुलाकात के पीछे की क्रोनोलॉजी, टाइमिंग और जातीय समीकरणों का जो कॉकटेल है, वह बिहार में एक नई राजनीतिक पटकथा लिखने की ओर इशारा कर रहा है.

बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले जानते हैं कि जेडीयू की असली ताकत उसका ‘लव-कुश’ (कोइरी-कुर्मी) वोट बैंक रहा है. लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और बीजेपी द्वारा सम्राट चौधरी (कोइरी समाज) को आगे बढ़ाए जाने के बाद जेडीयू के भीतर एक अंडरकरेंट था. सम्राट चौधरी के मजबूत होने के बाद जेडीयू को यह डर सताने लगा था कि उनका पारंपरिक गैर-यादव ओबीसी विशेषकर कोइरी-कुर्मी आधार खिसक सकता है.

नीतीश कुमार से आरसीपी सिंह मिलने पहुंचे.

कुर्मी किलेबंदी की मजबूरी

नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द रहने वाले लोग भली-भांति जानते हैं कि अगर अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाए रखनी है, तो गृह जिले नालंदा और पूरे बिहार के कुर्मी मतदाताओं को एकजुट रखना होगा. आरसीपी सिंह इसी समाज के एक बड़े और रसूखदार चेहरे रहे हैं. पिछले कुछ महीनों से दोनों नेताओं को कुर्मी समाज के सम्मेलनों में एक साथ देखा जा रहा था. जेडीयू किसी भी कीमत पर इस कोर वोट बैंक में कोई बिखराव नहीं चाहती और आरसीपी की वापसी इसी डैमेज कंट्रोल का हिस्सा मानी जा रही है.

मुलाकात की इनसाइड स्टोरी, किसने कराई सेटिंग?

सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि आरसीपी सिंह पिछले कई महीनों से नीतीश कुमार से मिलने का समय मांग रहे थे. लेकिन जेडीयू के ही कुछ शीर्ष नेताओं की वजह से उन्हें एंट्री नहीं मिल पा रही थी, क्योंकि आरसीपी की वापसी से पार्टी के आंतरिक शक्ति संतुलन में खलल पड़ना तय है. इस गतिरोध को तोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की बताई जा रही है. पिछले कुछ समय से आरसीपी सिंह सार्वजनिक मंचों से न सिर्फ नीतीश कुमार बल्कि उनके बेटे निशांत कुमार की जमकर तारीफ कर रहे थे. उन्होंने निशांत की राजनीति में एंट्री का भी पुरजोर समर्थन किया था. सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार और आरसीपी सिंह के बीच हुई अनौपचारिक बातचीत ने ही इस आत्मीय मुलाकात की जमीन तैयार की और आखिरकार शनिवार को नीतीश कुमार के आवास के दरवाजे आरसीपी के लिए खुल गए.





Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top