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- The Three Accused Of Bombing The RSS Office Roamed Fearlessly In Karbala Chowk Throughout The Night And Tried To Flee To Delhi When The Police Arrived.
रांची21 घंटे पहले
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चुटिया थाना क्षेत्र स्थित आरएसएस कार्यालय पर मंगलवार की देर रात पेट्रोल बम फेंकने के बाद तीनों आरोपी मेन रोड स्थित कर्बला चौक पहुंचे। सैफ अंसारी और अमन अंसारी अपने सहयोगी सायम सुजान के साथ रात भर कर्बला चौक और पथलकुदवा में बेखौफ घूमते रहे। पुलिस की कोई हलचल नहीं देख तीनों इतने बेफिक्र थे कि फुलबगान स्थित घर जाकर आराम से सो गए। बुधवार की सुबह जगने के बाद सैफ को मोबाइल पर चल रहे वीडियो से पुलिस की गतिविधियों की जानकारी। बावजूद वह पूरी तरह से निर्भीक होकर अपने सहयोगी अमन अंसारी और सुजान के साथ इधर-उधर भटकता रहा। दोपहर बाद जब दोनों का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हुआ और केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच शुरू करने की जानकारी मिली तो बचने के लिए शहर छोड़कर भागने का प्लान बनाया। इसके बाद सैफ अंसारी और अमन अंसारी रेलवे स्टेशन पहुंचे।
पुलिस की सख्ती देख दिल्ली भागने का प्लान बनाया। दोनों रांची से नई दिल्ली जाने वाली झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में सवार हो गए। लेकिन, इससे पहले ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गझंडी रेलवे स्टेशन (कोडरमा) से गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर तीसरा आरोपी भी पकड़ा गया। सैफ के भागने के बाद 3 घंटे तक पूरा पुलिस महकमा परेशान रहा।
जिला से बाहर निकलने वाले सभी बॉर्डर इलाके को सील कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया। राजधानी के सभी थानेदार को निर्देश दिया गया कि आरोपी कहीं दिखे तो तुरंत सूचना दें। गिरफ्तार करें। इसके बाद विभिन्न जगहों पर जांच शुरू की गई और दोपहर 2.30 बजे मांडर टोल प्लाजा के पास बस पर सवार होकर जा रहा सैफ पकड़ा गया। आरोपी को वहां से पूछताछ के लिए चामा पिकेट ले जाने के दौरान रास्ते में चान्हो स्थित लुकईया ढोडहा के पास पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। इस दौरान आरोपी ने चान्हो थानेदार टिंकू रजक का सर्विस रिवाल्वर लूटकर भागने लगा। आरोपी ने एक गोली भी चलाई, जिसमें थानेदार बाल-बाल बच गए। पुलिस ने भी गोली चलाई जो आरोपी के पैर में लगी। घायल को रिम्स में भर्ती कराया गया है। पेट्रोल बम कांड में शामिल अपराधियों का तार अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद रांची एसएसपी ने आगे का अनुसंधान झारखंड एटीएस से कराने का आग्रह किया था। उनके आग्रह पर पुलिस मुख्यालय ने इसकी स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद इस केस झारखंड एटीएस को ट्रांसफर कर दिया गया है। अब कांड का अनुसंधान अब झारखंड एटीएस की टीम करेगी।
