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सोनिया गांधी की ऑटोबायोग्राफी ‘Belonging: A Journey of Love’ के रिलीज से पहले सामने आए अंश इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं. इटली से भारत आईं सोनिया के लिए तीखे तंदूरी चिकन से लेकर रोज खाई जाने वाली अरहर दाल ने अनजाने भारत को अपना बना दिया. 10 नवंबर को आने वाली यह किताब सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं बल्कि पारिवारिक त्रासदियों और 2004 में पीएम पद ठुकराने की जबरदस्त इनसाइड स्टोरी है.
10 नवंबर को बुक रिलीज हो रही है.
एक इटैलियन लड़की जब भारत की सबसे पावरफुल राजनीतिक फैमिली में कदम रखती है, तो उसके लिए महकती अरहर की दाल और तीखे तंदूरी चिकन से लेकर देश की सत्ता तक का सफर कैसा रहा होगा? इटली की गलियों से निकलकर दिल्ली के लुटियंस जोन तक, और फिर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल का गवाह बनने वाली सोनिया गांधी की यह कहानी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है. 10 नवंबर को रिलीज होने जा रही यह किताब इतिहास के उन पन्नों को पलटने वाली है, जिन्हें आपने पहले कभी नहीं पढ़ा होगा. आधिकारिक लॉन्चिंग से ठीक पहले पब्लिशर हार्परकोलिंस इंडिया ने सोशल मीडिया पर इसके कुछ खास अंश शेयर किए हैं.
सीएनएन न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अंशों में सोनिया गांधी की भारतीय खाने से शुरुआती मुलाकात का दिलचस्प जिक्र है. उन्होंने बताया कि राजीव गांधी के साथ चखा गया पहला भारतीय व्यंजन तंदूरी चिकन था, जो लाल रंग का, हल्का झुलसा हुआ और इतना तीखा था कि उनकी जुबान पर मिर्च लग गई थी. धीरे-धीरे वह नेहरू-गांधी परिवार के पारंपरिक उत्तर भारतीय भोजन की मुरीद हो गईं. थाली में चावल, फुल्के, सब्जी, मटन या चिकन के साथ हर रोज खाई जाने वाली अरहर की दाल ने उन्हें भारत के और करीब ला दिया. पोस्ट में एक अनदेखी पारिवारिक तस्वीर भी है, जिसमें सोनिया, राजीव गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और संजय गांधी के साथ डाइनिंग टेबल पर खाना खाते दिख रहे हैं.
पेंग्विन विवाद के बाद हार्परकोलिंस से पब्लिशिंग
इस किताब के प्रकाशन को लेकर पहले काफी विवाद हुआ था. शुरुआत में पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया इसे पब्लिश करने वाला था, लेकिन पांडुलिपि में बदलावों को लेकर लेखिका के प्रतिनिधियों और पब्लिशर के बीच मतभेद हो गए. इसके बाद प्रकाशन का सस्पेंस खत्म करते हुए हार्परकोलिंस इंडिया ने इसे पब्लिश करने का ऐलान किया. ऑटोबायोग्राफी का फर्स्ट लुक जारी करने के साथ ही सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपना डेब्यू भी किया था.
इटली के बचपन से लेकर 2004 के ‘पीएम पद त्याग’ की पूरी कहानी
यह किताब सोनिया गांधी के दूसरे विश्वयुद्ध के बाद इटली में बीते बचपन से शुरू होती है. इसके बाद 1965 में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से हुई मुलाकात, शादी, हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय संस्कृति में ढलने की यात्रा को समेटती है. ऑटोबायोग्राफी में संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या जैसे गहरे पारिवारिक दुखों का भी उल्लेख है. साथ ही 2004 के चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पद ठुकराने और एक दशक तक यूपीए का नेतृत्व करने के राजनीतिक घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी भी शामिल है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…