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Ankit Baliyan Murder latest updates and UP Politics : आरएलडी चीफ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से छोटी मुलाकात और 12 घंटे के अंदर ही पश्चिमी यूपी की राजनीतिक तस्वीर बदल दी. पश्चिम यूपी में हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या से 2027 के चुनावी समीकरणों को सुलगने का अंदेशा जताया जा रहा था. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर जो जाट कार्ड खेला था, उस पर सोमवार को यूपी पुलिस ने कालीख पोत दी. यूपी पुलिस ने दो शूटरों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. जानें एनकाउंटर से पहले जयंत चौधरी की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात और और एनकाउंटर के कुछ घंटे के बाद पीड़ित परिवार के घर पहुंचना क्या मैसेज देता है. क्या एनकाउंटर और जयंत की सक्रियता ने अखिलेश यादव के सियासी दांव को हलकान कर दिया है?
यूपी चुनाव 2027 में शुरू हो गया खेला!
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी का सियासी पारा अचानक उबाल पर है. शामली में लोकप्रिय हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े 18 राउंड गोलियां बरसाकर की गई निर्मम हत्या अब महज एक क्राइम स्टोरी नहीं रही, बल्कि इसने एक भयंकर राजनीतिक रूप ले लिया है. इस पूरी घटना के बाद जिस तरह से राजनीति के मोहरे बिछाए गए, उसने समाजवादी पार्टी के उन इरादों को तगड़ा झटका दिया है जो इस घटना के जरिए जाट समुदाय में सरकार के खिलाफ गुस्सा भुनाने की तैयारी में थे. अंकित बालियान की हत्या के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार की कानून-व्यवस्था को घेरते हुए इसे ‘समस्त जाट समुदाय पर प्रहार’ करार दिया था.
अखिलेश यादव का दांव साफ था कि पश्चिमी यूपी के प्रभावशाली जाट वोट बैंक को बीजेपी के खिलाफ गोलबंद करना और रालोद के जनाधार में सेंध लगाना. हालांकि, अखिलेश के इस दांव पर केंद्रीय मंत्री और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने जोरदार पलटवार किया. जयंत ने साफ कहा कि किसी हत्या जैसे संगीन अपराध में पीड़ित की जाति तलाशना और ‘जाति के आक्रोश’ की बात करना असंवेदनहीनता की पराकाष्ठा है. जयंत ने यह संदेश देने की कोशिश की कि न्याय पाना किसी एक गोत्र या जाति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय है.
शामली जिले में अंकित बालियान की हत्या करने वाले दो शार्प शूटरों का पुलिस ने किया एनकाउंटर.
अखिलेश का ‘जाट आक्रोश’ कार्ड और जयंत का पलटवार
अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पर एक के बाद एक हमलों के बीच यूपी पुलिस की एसटीएफ और लोकल पुलिस हरकत में आई. सोमवार तड़के कैराना रोड पर 50-50 हजार के इनामी दो शूटरों सुमित और मोहित को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया. एनकाउंटर की खबर सामने आने के कुछ ही घंटों बाद रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी सीधे बंतीखेड़ा गांव पहुंचे और अंकित बालियान के पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया.
क्या सपा के अरमानों पर फिरा पानी?
जयंत चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही और स्पष्ट किया कि यूपी में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम में बीजेपी-रालोद गठबंधन ने बेहद सधे हुए अंदाज में काउंटर अटैक किया है. अखिलेश यादव इस घटना को एनडीए गठबंधन के खिलाफ जाटों के असंतोष के रूप में स्थापित करना चाहते थे. लेकिन सीएम योगी के कड़े रुख और त्वरित एनकाउंटर एक्शन ने सरकार की ‘कठोर कानून-व्यवस्था’ वाली छवि को और मजबूत कर दिया.
#WATCH | Shamli, Uttar Pradesh | On the Haryanvi singer and actor Ankit Baliyan murder case, Union MoS Jayant Singh says, “…Right now, the focus is on the reaction of the family and on offering them patience and solace. Everyone has gathered here to offer comfort and support…… https://t.co/MRZMONHsxv pic.twitter.com/1pacjhHLbm