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असम के जंगलों से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के जंगलों से कभी पूरी तरह गायब हो चुका बेहद शांत और खतरनाक शिकारी ‘ढोल’, जिसे एशियाई जंगली कुत्ता भी कहा जाता है, अब वापस लौट आया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि करते हुए इसे राज्य के पर्यावरण और संरक्षण प्रयासों की एक ऐतिहासिक सफलता बताया है.
गुवाहटी. असम के प्राकृतिक और वन्यजीव गलियारे से एक ऐसा सुखद संदेश आया है, जिसने पूरी दुनिया के पर्यावरणविदों और वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कभी असम के काजीरंगा और कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों की शान रहा और फिर धीरे-धीरे गुमनामी के अंधेरे में खो चुका बेहद चालाक और खतरनाक शिकारी कुत्ता ‘ढोल’ (Dhole/Asiatic Wild Dog) एक बार फिर अपने पुराने साम्राज्य को हासिल करने लौट आया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस अद्भुत प्राकृतिक पुनरुद्धार की कहानी को दुनिया के सामने साझा किया है, जो राज्य में पर्यावरण संतुलन की एक नई और बेहद मजबूत तस्वीर पेश करती है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वन्यजीव सफलता की विस्तृत जानकारी देते हुए लिखा, ‘एक शांत और अत्यधिक कुशल शिकारी, ‘ढोल’ कभी हमारे जंगलों में स्वतंत्र रूप से घूमता था, लेकिन समय के साथ काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के परिदृश्य से यह पूरी तरह ओझल हो गया था. मगर प्रकृति के पास वापसी करने का अपना एक अनोखा तरीका होता है. वनों के दायरे को बढ़ाने, वन्यजीव गलियारों को मजबूत करने और जंगलों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के हमारे निरंतर प्रयासों के कारण आज ऐसे हालात बने हैं जहां वन्यजीव फिर से फल-फूल रहे हैं.’
Assam CM Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) posts, “A silent and highly efficient predator, the Dhole once roamed freely across our forests before fading from the Kaziranga-Karbi Anglong landscape. But nature has its own way of returning. Through consistent efforts to protect… pic.twitter.com/sHvBl2OrdL