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केदारनाथ धाम में कपाट बंद होने से पहले बाबा का दरबार 18 से 20 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. दिवाली के मौके पर मंदिर परिसर की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. इस बीच आज धाम के क्षेत्रपाल और रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. इसके साथ ही बाबा केदारनाथ के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. मंदिर समिति के मुताबिक मुख्य मंदिर के कपाट 11 नवंबर को विधि-विधान से बंद होंगे. श्रद्धालुओं से दीपोत्सव में शामिल होने की अपील की गई है.
कपाट बंद होने से पहले केदारनाथ धाम को 18 से 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. (फोटो IANS)
बाबा केदारनाथ के धाम में इन दिनों दिवाली की रौनक देखते ही बन रही है. शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद होने से पहले पूरे परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. बाबा के दरबार की खूबसूरती ऐसी है कि नजरें हटाना मुश्किल हो जाए. मंदिर और उसके आसपास करीब 18 से 20 क्विंटल फूलों से सजावट की गई है. फूलों से सजा केदारनाथ धाम श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है. दिवाली के पावन मौके पर यहां का नजारा भक्तों को आध्यात्मिक आनंद के साथ त्योहार की खुशियां भी दे रहा है. लेकिन इस उत्सव के बीच धाम में शीतकालीन कपाट बंद होने की धार्मिक प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है. ऐसे में बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए यह समय बेहद खास है.
दिवाली के अवसर पर केदारनाथ धाम में सिर्फ बाबा के दरबार की सजावट ही आकर्षण नहीं है. यहां क्षेत्रपाल और धाम के रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट भी आज शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. यह अनुष्ठान धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ संपन्न होगा. भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदारनाथ के मुख्य मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. मंदिर समिति के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने धाम से इसकी जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि बाबा केदारनाथ के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. यानी अब श्रद्धालुओं के पास बाबा के धाम में दर्शन करने के लिए कुछ ही दिन बचे हैं.
Kedarnath, Uttarakhand: Kedarnath Temple has been decorated with 18–20 quintals of colourful flowers and illuminated for Diwali. The doors of Bhukund Bhairavnath Temple will close for winter today, marking the beginning of the traditional process of closing Kedarnath Temple, which is scheduled for November 11
(Source: Badrinath-Kedarnath Temple Committee)