बोकारो | अखिल भारतीय साहित्य परिषद बोकारो की ओर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कबीर जयंती पर ‘सनातन धर्म और समरसता’ विषयक विचार सह काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि संत कबीर का जीवन और साहित्य सामाजिक समरसता, मानवता, प्रेम एवं समानता का संदेश देता है। कार्यक्रम का शुभारंभ करुणा कालिका ने सरस्वती वंदना से किया तथा ओमान से आईं हिंदी कवयित्री विभा तिवारी का स्वागत किया गया। अध्यक्षता परिषद के उपाध्यक्ष दयानंद सिंह ने की। उन्होंने कहा कि कबीर ने जाति-पांति और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का मार्ग दिखाया। कबीर की वाणी सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी प्रेरणा है। विभा तिवारी ने कहा कि साहित्य समाज में संवेदना और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करता है। डॉ. आशा पुष्प ने कबीर की चेतना को वैश्विक मानवता से जोड़ने वाला बताया।
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