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कुआं रिंग बनाते हैं रांची के मिस्त्री रहमान, हर तीसरे दिन 15000...


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Ranchi Rehman Kuaan Ring Maker: रांची के पिठोरिया के रहमान गर्मी में कुआं रिंग बनाने का काम करते हैं. यूं तो ये काम सीजनल है, जिसकी मांग इस मौसम में ज्यादा रहती है पर वे सीजनभर में ही मोटी कमाई कर लते हैं. इससे पूरे साल उनका खर्च इत्मीनान से चलता है.

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रांची. रांची के पिठोरिया के रहमान खासतौर पर कुआं रिंग बनाने का काम करते हैं. इन्हें वे अपने हाथों से ही बनाते हैं. उन्होंने बताया कि ‘गर्मी के दिनों में इसका ऑर्डर बहुत आता है. खासतौर पर ग्रामीण एरिया में हर दूसरे-तीसरे दिन कुआं रिंग की डिमांड होती है और मैं खुद जाकर सेट करता हूं. जिसका रेट लगभग 15,000 तक होता है, तो गर्मी के दो महीने में ही अच्छा-खासा लाख रुपये के ऊपर कमा लेता हूं.

रहमान बताते हैं, गर्मी में खासतौर पर यह बनाना बेहद ही आसान होता है. क्योंकि कड़ी धूप होती है और कड़ी धूप में रिंग आसानी से सूख जाती है. दूसरी बात कड़ी धूप के चलते कुआं की भी जरूरत अधिक पड़ती है. ऐसे में खास जितने भी ग्रामीण एरिया हैं, वहां से हर दूसरे व तीसरे दिन ऑर्डर आते हैं. हालांकि यह पूरी तरह सीजनल काम है.

एक रिंग की कीमत होती है ₹800
एक रिंग की कीमत ₹800 होती है. तो अगर एक कुआं बनाना होता है तो इस तरीके के 10 से 15 रिंग की जरूरत पड़ती है और क्योंकि वहीं जाकर फिट करता हूं, तो 15 से 16,000 तक का रेट आराम से चला जाता है. अगर थोड़ा और डीप जाना हो तो रेट 18,000 तक भी जाती है और यह सिर्फ कुआं ही नहीं बल्कि घर में जो जल संचय होता है, उसमें भी काम आता है.

जल संचय में भी काम आता है
कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने घरों के आगे इस तरह के रिंग जमीन के अंदर डलवाते हैं और पूरा का पूरा एक ब्लॉक बनवाते हैं. ताकि बारिश का पानी या फिर और पानी जो छत से टपक रहा है, वह सब सुरक्षित इसमें स्टोर होता रहे. तो ऐसे में खासतौर पर बरसात के मौसम में भी इस तरह के ऑर्डर आते हैं. अभी फिलहाल हर दिन 20-25 रिंग अपने हाथों से ही बनाता हूं.

बच्चे पढ़ते हैं अच्छे स्कूलों में
मेरे बच्चे अच्छे इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ते हैं. दो बच्चे हैं, दोनों पढ़ाई में काफी अव्वल हैं. ऐसे में यह जो दो-तीन महीनों में बंपर कमाई होती है, उनकी शिक्षा के लिए मैं सेव करके रखता हूं. क्योंकि सालभर फिर इतनी कमाई नहीं हो पाती. ऐसे में यह जो जैकपॉट वाला समय होता है, इसका इस्तेमाल करता हूं. ताकि आगे उनकी पढ़ाई न रुके और पूरे घर की जिम्मेदारी उठाता हूं.

कोई काम छोटा-बड़ा नहीं
मुस्कुराते हुए आगे बताते हैं कि काम कोई छोटा-बड़ा नहीं होता. मिस्त्री हैं तो क्या हुआ, अगर आप शिद्दत के साथ काम करें और मेहनत पूरी लगन के साथ करें तो आप इसी में बहुत बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. लेकिन कई बार लोगों में झिझक होती है कि यह छोटा काम मैं कैसे करूं. अगर यह चीज हटा दी जाए तो काम करने के कई विकल्प हैं और कमाने के भी.’

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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