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राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग के बाद महागठबंधन में घमासान, माले ने सीएम को भेजा पत्र, कांग्रेस से नाराज राजद राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन के घटक दलों में घमासान छिड़ गया है। क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर शुरू हुआ यह विवाद अब गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है। महागठबंधन के प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सभी पार्टियां दावा कर रही हैं कि उनके विधायकों ने गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में ही मतदान किया है, परंतु निर्दलीय परिमल नाथवानी को एनडीए के 24 वोटों के अलावा 6 अतिरिक्त वोट मिलने से यह साफ हो गया है कि क्रॉस वोटिंग हुई है। इसी बीच, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू द्वारा सहयोगी दल राजद और वाम दलों पर धोखा देने का आरोप लगाने के बाद इन पार्टियों ने पलटवार किया है। राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने के. राजू पर तीखा हमला बोला है। (शेष पढ़ें पेज 13 पर) बड़ा सवाल: सबका दावा— झा को वोट दिए तो नाथवानी कैसे जीते? सत्तारूढ़ महागठबंधन के सभी दल ताल ठोंककर कह रहे हैं कि उनके विधायकों ने अपने ही प्रत्याशी को वोट दिया। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि फिर एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी को 30 वोट कैसे मिले? चूंकि एनडीए के पास केवल 24 विधायक थे, अगर किसी ने क्रॉस वोटिंग नहीं की तो उन्हें छह अतिरिक्त वोट कहां से आ गए और वे कैसे चुनाव जीत गए? सहयोगी दलों पर झूठा आरोप लगा रही कांग्रेस: भाकपा माले भाकपा माले ने भी कांग्रेस प्रभारी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि कांग्रेस अपनी विफलता की समीक्षा करने के बजाय सहयोगी दलों पर झूठे आरोप लगाकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री व महागठबंधन के नेता हेमंत सोरेन को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गठबंधन के फैसले के अनुरूप पार्टी के दोनों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया था। पार्टी प्रतिनिधियों ने मतपत्रों का सत्यापन भी किया था और उसे सही पाया था। के. राजू कुछ दिन के लिए प्रभारी बनकर आए हैं, मर्यादा में रहें: राजद राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने कहा कि के. राजू का आरोप उस कहावत को चरितार्थ करता है कि ‘चोर बोले जोर से’। वहीं, राजद के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सिंह यादव ने कहा कि के. राजू क्या बोलेंगे, उनके अंदर खुद ही 17 छेद हैं। के. राजू कुछ दिनों के लिए झारखंड कांग्रेस के प्रभारी बनकर आए हैं और चले जाएंगे, इसलिए उन्हें इस तरह के बेतुके और अनर्गल बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि के. राजू का बयान चिंताजनक है और गठबंधन की सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
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