![]()
कोडरमा के सदर प्रखंड स्थित CD बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय में बुधवार को छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्राएं अपने निलंबित प्राचार्य शशि कुमार के समर्थन में सड़क पर उतर आईं। स्कूल पहुंचने पर उन्हें प्राचार्य के निलंबन की जानकारी मिली थी। इससे छात्राएं नाराज हो गईं। उन्होंने विभाग के फैसले का विरोध किया। छात्राओं का कहना था कि शशि कुमार के प्राचार्य बनने के बाद विद्यालय की व्यवस्था में सुधार हुआ था। पढ़ाई के साथ स्कूल की दूसरी गतिविधियां भी बेहतर हुई थीं। ऐसे में उनका निलंबन गलत है। छात्राओं ने इसे दुर्भावना से की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने निलंबन रद्द करने और प्राचार्य को दोबारा विद्यालय में जिम्मेदारी देने की मांग की। स्कूल से बाहर निकले तो पीछे दौड़ीं छात्राएं कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्राचार्य शशि कुमार विद्यालय से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान छात्राओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। जब वे आगे बढ़े तो छात्राएं उनके पीछे दौड़ पड़ीं। छात्राओं ने विद्यालय का मुख्य गेट खोला। इसके बाद शशि कुमार को सड़क से वापस स्कूल के अंदर ले आईं। छात्राएं उन्हें विद्यालय में ही बनाए रखने की मांग कर रही थीं। इस दौरान स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्राओं के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तिलैया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला। छात्राओं को समझाकर विद्यालय के अंदर कराया गया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर तक विद्यालय में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। तीन बार दिया गया था कारण बताओ नोटिस जिला शिक्षा पदाधिकारी मुकुल राज ने बताया कि प्राचार्य शशि कुमार को काम में लापरवाही और विभागीय आदेशों की अनदेखी करने के मामले में निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि शशि कुमार लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। इस संबंध में उन्हें तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। विभाग ने उनसे जवाब भी मांगा था। हालांकि, उनके जवाब स्पष्ट और संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी दुर्भावना से नहीं, बल्कि प्रशासनिक कारणों से की गई है। शिक्षा अधिकारी बोले- छात्राओं का उग्र प्रदर्शन उचित नहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी मुकुल राज ने कहा कि शिक्षा विभाग में लापरवाही के मामलों में कार्रवाई होती रहती है। छात्राओं का उग्र होना या इस तरह आंदोलन करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। वे खुद विद्यालय जाकर छात्राओं से बातचीत करेंगे। उन्हें विभागीय कार्रवाई के कारणों से अवगत कराएंगे। इधर, छात्राएं प्राचार्य का निलंबन रद्द करने की मांग पर अड़ी हैं। उनका कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई और अनुशासन को बेहतर बनाने में शशि कुमार की भूमिका रही है। ऐसे में उन्हें हटाया जाना छात्राओं के हित में नहीं है। फिलहाल मामले को लेकर विद्यालय में तनाव और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
Source link