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जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकवाद की जमीन तैयार करने वाले मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को गृह मंत्रालय ने आतंकी घोषित किया है. मोहम्मद असगर खान को आतंक की दुनिया में अबू साद और साद जिमी के नाम से भी पहचाना जाता है. भारत में वह आतंक की किन किन साजिशों में शामिल रहा है, जानने के लिए पढ़ें आगे…
नरगोटा हमले को अंजाम देने के साथ भारत के लिए आतंकी साजिशें रचने वाले दहशतगर्द असगर खान को दुनिया के सामने बेनकाब किया है.
नई दिल्ली. भारतीय गृह मंत्रालय ने एक ऐसे चेहरे को बेनकाब किया है, जो लंबे समय से भारत में आतंकी वारदातों को लेकर षडयंत्र रचता आया है. यही आतंकी है, जिसने नरगोटा हमले को अंजाम दिया था और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप चला रहा है. पाकिस्तान में रहने वाले इस आतंकी की पहचान मुफ्ती मोहम्मद असगर खान के तौर पर सार्वजनिक की है. इसे आतंक की दुनिया में अबू साद और साद जिमी के नाम से भी पहचाना जाता है.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वह जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रहकर जैश के लिए काम करता है. असगर खान पीओके में जैश-ए-मोहम्मद का अमीर होने के साथ-साथ उसके टेरर विंग का चीफ भी है. वह जैश के लिए आतंकियों की भर्ती करने, उन्हें ट्रेनिंग देने और भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों को अंजाम देने के षडयंत्र में अहम भूमिका निभाता रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि वह मुजफ्फराबाद में आतंकी प्रशिक्षण कैंप भी चलाता है.
- सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन कैंपों में आतंकियों को कट्टरपंथी विचारधारा के साथ हथियार चलाने, विस्फोटक इस्तेमाल करने और घुसपैठ करने की ट्रेनिंग दी जाती है.
- सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन कैंपों से तैयार किए गए आतंकियों को भारत में आतंकी वारदातों हमलों के लिए भेजा जाता रहा है.
- मुफ्ती मोहम्मद असगर खान का नाम जम्मू के नगरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में भी शामिल है.
- जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने हमले की साजिश रचने और आतंकियों को मदद पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसी वजह से वह लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है.
- खुफिया एजेंसियों का कहना है कि असगर खान केवल हमलों की साजिश ही नहीं रचता, बल्कि जैश के नेटवर्क को मजबूत करने के साथ आर्थिक मदद भी पहुंचाता है.
भारत ने 23 आतंकियों के चेहरे किए बेनकाब
गृह मंत्रालय के अनुसार, आतंकवाद को लेकर उनकी जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी रही है. सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से ऑपरेट हो रहे आतंकी नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं. इन आतंकी संगठनों को जमीन से खत्म करने की दिशा में कदम बढाते हुए इनकी पहचान को सर्वजनिक किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने मोहम्मद असगर खान के साथ 23 अन्य आतंकियों के नाम का खुलाया किया है. इनमें मसूद इलियास कश्मीरी और मोहम्मद मुसादिक का नाम भी शामिल है.
मसूद इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने अप्रैल 2022 में जम्मू के संजवान में पीडीपी ऑफिस के पास नाका पार्टी पर हमले को अंजाम दिया था. वहीं, मोहम्मद मुसादिक लसिंयाकोट सेक्टर का लॉन्चिंग कमांडर है. वह सीमा पर सुरंगों के जरिए घुसपैठ कराता आया है. वह ड्रोन के जरिए हथियारों और गोला-बारूद की खेप भारत भेजने में शामिल रहा है. इसके अलावा, वह अयोध्या के रामजन्मभूमि मंदिर परिसर, नागपुर के आरएसएस मुख्यालय और पानीपत की आईओसीएल रिफाइनरी की रेकी करने में शामिल रहा है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें