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गर्मी में पेट रहेगा बिल्कुल दुरुस्त, एक बार ट्राई करें झारखंड का...


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कद्दू में भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. गर्म मौसम में शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में यह मददगार माना जाता है. वहीं जीरा अपने पाचन गुणों के लिए जाना जाता है. यह भोजन को आसानी से पचाने में सहायता करता है. जब इन दोनों का मेल होता है तो एक ऐसी स्वादिष्ट सब्जी तैयार होती है जो खाने में लाजवाब और बनाने में बेहद आसान होती है.

जमशेदपुर: गर्मियों के मौसम में गैस, एसिडिटी, अपच और पेट में जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आज भी एक पारंपरिक व्यंजन बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है, जिसे ‘जीरा वाला कद्दू’ कहा जाता है. कम मसालों में तैयार होने वाली यह सब्जी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि पेट के लिए भी काफी हल्की मानी जाती है. यही कारण है कि गर्मियों के दिनों में इसे कई घरों में नियमित रूप से बनाया जाता है.

कद्दू में भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और गर्मी के मौसम में पानी की कमी को दूर करने में सहायक माना जाता है. वहीं, जीरा अपने पाचन गुणों के लिए जाना जाता है, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है. जब कद्दू और जीरे का मेल होता है, तो एक ऐसी स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी तैयार होती है जो खाने में लाजवाब होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जाती है.

इस पारंपरिक व्यंजन को बनाने के लिए सबसे पहले ताजा कद्दू लें और उसे अच्छी तरह धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और तेजपत्ता डालें. जब जीरा चटकने लगे और मसालों की खुशबू आने लगे, तब कटे हुए कद्दू को कड़ाही में डालकर अच्छी तरह मिला लें.

इसके बाद उसमें हल्दी और स्वादानुसार नमक डालें और सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएं. कद्दू में स्वाभाविक रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी होता है, इसलिए इसमें अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं पड़ती. अब कड़ाही को ढककर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें ताकि वह तले में न लगे. पकने के दौरान कद्दू अपना पानी छोड़ देता है और धीरे-धीरे मुलायम हो जाता है.

जब कद्दू पूरी तरह गल जाए और अतिरिक्त पानी सूखने लगे, तब समझिए कि स्वादिष्ट जीरा वाला कद्दू तैयार है. इस सब्जी में अधिक मसालों का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे कद्दू का प्राकृतिक स्वाद बरकरार रहता है. जीरे और सूखी लाल मिर्च का हल्का तड़का इसके स्वाद को और भी खास बना देता है.

झारखंड के गांवों में यह पारंपरिक व्यंजन दाल-भात, रोटी और चूड़ा के साथ बड़े शौक से खाया जाता है. सादगी, स्वाद और पौष्टिकता का बेहतरीन मेल होने के कारण यह आज भी लोगों की पसंदीदा रेसिपी बनी हुई है. यदि आप गर्मियों में हल्का, स्वादिष्ट और घर का बना पारंपरिक भोजन खाना चाहते हैं, तो झारखंड की इस खास रेसिपी जीरा वाला कद्दू को एक बार जरूर आजमाएं.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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