![]()
भास्कर न्यूज |गिरिडीह गिरिडीह कॉलेज के हिंदी विभाग में गुरुवार को संत कवि गोस्वामी तुलसीदास के जीवन और साहित्य पर विभागीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न सेमेस्टर के 40 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर तुलसीदास के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनकी प्रासंगिकता पर विचार रखे। छात्र अनुराग सागर ने तुलसी के साहित्य को मानवीय भावनाओं का साहित्य बताया, वहीं साजन कुमार पाठक ने रामचरितमानस के संदर्भ से उनके लोकपक्ष को रेखांकित किया। इनके अलावा राधा, प्रिया, मिशा, पूजा, तन्नू और सतीश ने भी विचार रखे।उर्दू विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. गुलाम सामदानी ने तुलसीदास के साहित्य को सत्ता की बंदिशों से परे लोकविमर्श का साहित्य बताया। राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर राजकुमार वर्मा ने वर्तमान दौर में तुलसी की प्रासंगिकता पर चर्चा की। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बलभद्र सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों की वैचारिक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने तुलसीदास को समकालीन कवियों के साथ तुलनात्मक रूप से पढ़ने पर बल दिया। संचालन साजन कुमार पाठक ने किया।
Source link