मामले की जानकारी लेते प्रखंड कल्याण पदाधिकारी। भास्कर न्यूज | मनिका मनिका के औराटांड़ स्थित आदिम जनजाति आवासीय बालक प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्था से तंग आकर पिछले दिनों तीन बच्चे भाग गए थे। इनमें से दो बच्चों को जब उनके अभिभावक बुधवार को वापस छोड़ने स्कूल पहुंचे, तो प्रबंधन ने उन्हें अंदर लेने से मना कर दिया। मासूम बच्चों को करीब तीन घंटे तक तपती धूप में गेट के बाहर ही बैठाकर रखा गया। इसकी सूचना मिलने पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अभिषेक कुमार विद्यालय पहुंचे व स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के लोगों को फटकार लगाते हुए दोनों बच्चों की इंट्री करवाई और अपनी मर्यादा और दायरे में रहकर काम करें। अभिभावकों से लिखित आवेदन लेने के बाद दोनों बच्चों को वापस स्कूल में रखा गया। खास बात यह रही कि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के सामने ही बच्चों ने रोते हुए शिकायत की कि उन्हें स्कूल में मेन्यू के अनुसार दूध और फल नहीं दिया जाता है। इस संबंध में जब ज्ञान ज्योति संस्था के सचिव सुबोध कुमार से बात की गई, तो उन्होंने अपनी गलती मानने के बजाय बजट का रोना रोया। सचिव ने कहा कि दस वर्ष पहले का रेट निर्धारित है, उसी पुराने बजट में काम करना पड़ रहा है। दूध और फल नहीं देने के सवाल पर उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इस बारे में जिला कल्याण पदाधिकारी से बात कीजिए। इस पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि इसकी रिपोर्ट जल्द ही विभाग को भेजी जाएगी।
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