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झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग के फाइनल मुकाबले के दौरान जेएससीए स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ और अव्यवस्था की अब समीक्षा होगी। जेएससीए प्रबंधन इस घटनाक्रम की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एसओपी तैयार करने पर विचार कर रहा है। फ्री एंट्री रोकने सहित सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने पर भी विचार किया जा रहा है। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष संजय पांडेय ने भास्कर से बातचीत करते हुए कहा है कि पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा की जाएगी। यह समझने का प्रयास होगा कि आखिर कहां चूक हुई, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के कुल 27 मैचों में से पहले 26 मुकाबलों में भी दर्शकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क था, लेकिन किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई। फाइनल मुकाबले में अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने के कारण हालात बिगड़े। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के भीतर मौजूद हजारों दर्शकों ने मैच शांतिपूर्वक देखा और अंदर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। समस्या मुख्य रूप से प्रवेश द्वारों के बाहर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण उत्पन्न हुई। मालूम हो कि मंगलवार को क्रिकेट मैच के दौरान अप्रत्याशित भीड़ पहुंचने की वजह से भगदड़ मच गई थी। जेएससीए के बाउंसरों की आेर से लाठी चार्ज किए जाने से स्थिति बिगड़ गई। इस भगदड़ में 22 से अधिक लोग घायल हो गए थे। कूपन सिस्टम या नाममात्र टिकट शुल्क पर हो सकता है विचार संजय पांडेय ने बताया कि भविष्य में भीड़ नियंत्रण के लिए नए एंट्री मैकेनिज्म पर विचार किया जाएगा। अगर फ्री एंट्री जारी रही, तब भी सीमित संख्या में कूपन जारी किए जा सकते हैं, ताकि केवल कूपनधारी दर्शकों को ही प्रवेश मिले। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर नाममात्र का टिकट शुल्क रखने का विकल्प भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि अभी किसी निर्णय पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पहले पूरी घटना की समीक्षा की जाएगी, फिर विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तय होगी। स्टेडियम में प्रवेश आैर निकास की व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
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