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जेपीएससी के तीनों सदस्यों के विरोध के बावजूद 14वीं सिविल सेवा पीटी का रिजल्ट जारी, 103 पदों पर भर्ती के लिए 2204 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) ने गुरुवार देर रात 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (पीटी)-2025 का रिजल्ट जारी कर दिया। कुल 103 राजपत्रित पदों के लिए हुई परीक्षा में 2204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। लेकिन रिजल्ट जारी होते ही यह विवादों में आ गया। क्योंकि इस रिजल्ट पर तीन में से किसी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं। आयोग के सूत्रों ने बताया कि तीनों सदस्य एजेंसी द्वारा तैयार की गई चयन प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं थे। इसलिए उन्होंने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद जेपीएससी ने उनकी नाराजगी को दरकिनार करते हुए आधी रात को रिजल्ट जारी कर दिया। यह वही परीक्षा है, जो मॉडल आंसर-की में त्रुटि और अभ्यर्थियों की आपत्तियों को लेकर सुर्खियों में रहा था। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने 30 जून को रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया। इसके बाद गुरुवार रात यह रिजल्ट जारी किया गया। इसके साथ ही मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया। इसके लिए तीन से नौ जुलाई तक आवेदन जमा होंगे। फिर 18, 19 और 20 जुलाई को मुख्य परीक्षा होगी। इस रिजल्ट पर पक्ष लेने के लिए आयोग के सचिव श्याम नारायण राम के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, वॉट्सएप पर मैसेज भी भेजा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। क्या यह रिजल्ट मान्य… असमंजस में अभ्यर्थी
जेपीएससी ने सिविल सेवा पीटी का रिजल्ट तो जारी कर दिया, लेकिन कटअॉफ जारी नहीं किया। इससे यह भी पता नहीं चल रहा है कि अभ्यर्थियों का चयन किस आधार पर हुआ। पिछली बार रिजल्ट के साथ कटऑफ भी जारी किया गया था। उस समय अनारक्षित, पिछड़ा वर्ग-1, पिछड़ा वर्ग-2 और ईडब्ल्यूएस का कटऑफ 246 अंक था, जबकि एससी और एसटी का 236 अंक था। इससे भी पहले 7वीं से 10वीं सिविल सेवा परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ 260 अंक, पिछड़ा वर्ग का 252, एससी का 238 और एसटी का 230 अंक रहा था। इस बार कटऑफ नहीं आने से पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ढाई महीने बाद जारी हुआ रिजल्ट
29 जनवरी को 103 पदों के लिए विज्ञापन जारी, 31 जनवरी से 9 मार्च तक आवेदन लिए गए।
19 अप्रैल को प्रारंभिक परीक्षा हुई।
20 अप्रैल को मॉडल आंसर-की जारी।
24 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी गईं।
30 जून को हाईकोर्ट ने रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया
2 जुलाई को रिजल्ट जारी किया गया। जेपीएससी के पूर्व सदस्य ने भी उठाया सवाल
जेपीएससी के पूर्व सदस्य दुखी उरांव ने भी इस रिजल्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जेपीएससी के किसी भी रिजल्ट पर सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। कम से कम इतने सदस्यों का हस्ताक्षर होना चाहिए, जिससे कोरम पूरा हो सके। अगर किसी भी सदस्य ने हस्ताक्षर नहीं किया है तो रिजल्ट की वैधानिक स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अभ्यर्थी परेशान…क्योंकि तैयारी के लिए समय नहीं
अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्य परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए सिर्फ 7 दिन समय मिला है। इतने कम समय में जाति, आय, क्रीमीलेयर, दिव्यांगता और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र बनाना आसान नहीं है। इसके बाद 18 जुलाई से मुख्य परीक्षा है। यानी सिर्फ 16 दिन बाद। ऐसे में वे तैयारी कैसे कर पाएंगे। पूर्व में सभी मुख्य परीक्षाओं में डेढ़ माह से अधिक समय मिला है। हड़बड़ी में संशय बढ़ता है। 418 अभ्यर्थी हरियाणा व यूपी के, इसलिए संतुष्ट नहीं थे सदस्य
सूत्रों के मुताबिक इस रिजल्ट में 50 अनारक्षित सीटों के लिए 1122 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इनमें 418 अभ्यर्थी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हैं। साथ ही रिजल्ट के साथ कटऑफ भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा था। सदस्य रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी के कामकाज से भी वे संतुष्ट नहीं थे। इसी कारण हस्ताक्षर नहीं किया। कांस्टेबल भर्ती: जेएसएससी ने 11 साल बाद निकाला रिजल्ट
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने 11 साल बाद झारखंड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा-2015 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आयोग ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद 451 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) के लिए योग्य घोषित किया है। जेएसएससी ने अब फिजिकल टेस्ट के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेज दिया है। अब परीक्षा की तिथि, समय, स्थान और अन्य गाइडलाइन जारी की जाएगी।
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