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Jharkhand Rajya Sabha Election: कांग्रेस ने प्रणव झा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. वह मल्लिकार्जुन खरगे के राजनीतिक सलाहकार हैं. मूल रूप से भागलपुर के प्रणव की पढ़ाई बोकारो में हुई. लेकिन कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या कम है. ऐसे में जीत के लिए जेएमएम, राजद और माले के वोटों पर निर्भर रहना होगा. वहीं, बीजेपी संख्या नहीं होने के बावजूद चुनाव में उतरने का दावा कर रही है.
कांग्रेस नेता प्रणव झा की फोटो
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए प्रणव झा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है. राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच हुई बातचीत के बाद गुरुवार देर रात उनके नाम पर मुहर लगी.
कौन हैं प्रणव झा?
प्रणव झा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राजनीतिक सलाहकार हैं. वे लंबे समय से कांग्रेस के संचार विभाग में सक्रिय हैं और पार्टी के सीनियर मीडिया मैनेजर और पूर्व मीडिया सह-प्रभारी रह चुके हैं.
बोकारो से है गहरा नाता:
प्रणव झा मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले (कहलगांव के अनादिपुर गांव) के रहने वाले हैं. हालांकि, उनके पिता बोकारो में कार्यरत थे, जिस वजह से प्रणव की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई और परवरिश बोकारो में ही हुई. बोकारो शहर में आज भी उनका आवास है.
क्या हैं जीत के समीकरण?
झारखंड विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों को देखें तो कांग्रेस के पास अपने दम पर सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है. इसलिए प्रणव झा की जीत पूरी तरह से गठबंधन सहयोगियों विशेषकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), राजद (RJD) और माले (CPI-ML) के समर्थन पर टिकी है.
JMM के फैसले पर टिकी नजरें:
गुरुवार देर रात तक JMM ने अपने पत्ते नहीं खोले थे. पहले चर्चा थी कि JMM दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस ने बाजी मारते हुए अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया. अब माना जा रहा है कि JMM शनिवार तक अपने फैसले की घोषणा कर सकती है. जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया है कि यह चुनाव निर्विरोध होगा, क्योंकि हार के डर से भाजपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी.
पलटवार में क्या बोली भाजपा?
दूसरी तरफ भाजपा इस चुनाव को लेकर पूरी तरह आक्रामक है. हालांकि भाजपा ने छह राज्यों की 11 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है, लेकिन उसमें फिलहाल झारखंड का नाम शामिल नहीं है. इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रवक्ता अजय साह ने साफ किया है कि संख्या बल क्या चीज है. बीजेपी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी और जीतेंगे. बीजेपी गठबंधन के पास केवल 24 विधायक हैं. चार विधायकों के वोट की जरूरत है. बीजेपी अंतरात्मा की आवाज पर वोट मांगेगी.
झारखंड विधानसभा का मौजूदा गणित
झारखंड में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं, जहां का पूरा गणित इस प्रकार है:
- महागठबंधन (कुल 56 विधायक): JMM (34), कांग्रेस (16), राजद (4), माले (2)
- एनडीए (कुल 24 विधायक): भाजपा (21), आजसू (1), जदयू (1), लोजपा-आर (1)
वोटिंग के दिन ऊंट किस करवट बैठेगा?
महागठबंधन के पास जादुई आंकड़े से दोगुने (56) विधायक हैं, जिससे वे आसानी से दो सीटें जीत सकते हैं. वहीं एनडीए (24) को एक सीट जीतने के लिए भी 4 अतिरिक्त विधायकों के वोटों की जरूरत होगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि वोटिंग के दिन ऊंट किस करवट बैठता है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.