Last Updated:
Women Police Station and Help Desk in Falta Assembly: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फालटा को मॉडल विधानसभा बनाने की घोषणा की है. उन्होंने इस क्षेत्र में महिला थाना, हेल्प डेस्क और अतिरिक्त महिला पुलिस बल की तैनाती की भी घोषणा की है. फालटा उपचुनाव में बीजेपी को एक लाख से अधिक वोटों से जीत मिली थी.
पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने फालटा के लिए कई अहम घोषणाएं की है.
Women Police Station and Help Desk in Falta Assembly: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों फालटा विधानसभा सीट चर्चा के केंद्र में है. हाल ही में हुए उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फालटा के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. इन घोषणाओं को चुनाव के दौरान किए गए वादों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बुधवार को दक्षिण 24 परगना जिले के फालटा में आयोजित जनकल्याण शिविर में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार फालटा को राज्य का मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाएगी.
महिला थाना और हेल्प डेस्क की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि फालटा में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक अलग महिला थाना स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही फालटा थाने में महिलाओं के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी. उन्होंने यह भी घोषणा की कि इलाके में अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान किया जाएगा और उन्हें पुलिस प्रशासन तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.
अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सख्त रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि हम फालटा को मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाएंगे. यहां अब अशांति और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब हालिया चुनाव के दौरान इलाके में कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन को लेकर कई राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले थे.
उपचुनाव में बदला फालटा का सियासी समीकरण
फालटा विधानसभा सीट लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. लेकिन हालिया उपचुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई. बीजेपी ने इस सीट पर एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. यह जीत राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाली मानी जा रही है. सबसे ज्यादा चर्चा तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को लेकर हुई. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को पुष्पा स्टाइल नेता के तौर पर पेश किया था और वह चुनाव के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल थे. हालांकि, उपचुनाव के तहत मतदान से कुछ दिन पहले उन्होंने अचानक घोषणा कर दी कि वह फालटा के हित में चुनावी मुकाबले से पीछे हट रहे हैं.
जहांगीर खान का नाम उस समय फिर सुर्खियों में आया जब 8 जून को उन्हें उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर जबरन वसूली समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गिरफ्तारी के बाद फालटा की राजनीति और भी गर्म हो गई.
फालटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्यभर में चल रहे जनकल्याण शिविरों की अवधि एक दिन और बढ़ाई जाएगी. पहले यह कार्यक्रम 17 जून तक चलना था, लेकिन अब इसे 18 जून तक जारी रखा जाएगा. मुख्यमंत्री के मुताबिक लोगों की भारी भागीदारी और सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि इन शिविरों के जरिए लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही जगह उपलब्ध कराया जा रहा है.
क्या पूरा हो गया चुनावी वादा?
फालटा उपचुनाव के दौरान विकास, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा बड़े मुद्दे रहे थे. अब मुख्यमंत्री द्वारा महिला थाना, हेल्प डेस्क और अतिरिक्त महिला पुलिस बल की घोषणा को चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि फालटा को मॉडल विधानसभा क्षेत्र बनाने का दावा जमीन पर कितना उतर पाता है.
About the Author
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें