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कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को एक बार फिर विभागीय अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय खरीफ कर्मशाला के अंतिम दिन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है। किसानों के हित के लिए जो अधिकारी-कर्मचारी काम करेंगे, वे सम्मानित होंगे। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर मंत्री ने नाराजगी प्रकट की। कहा, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है िक इस वर्ष कम बारिश के आसार हैं। इससे सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सूखे से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व में कर ली जाए। 15 की जिलास्तरीय बैठक में सभी बीडीओ को मौजूद रहने का निर्देश, 20 मई को राज्य के हर जिले में लगेगा खरीफ मेला कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि 15 मई को जिलास्तरीय बैठक बुलाएं, जिसमें प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस कर्मशाला में बताए गए प्लान की सूचना उनसे साझा करेंगे। इसकी रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। साथ ही 20 मई को हर जिला में खरीफ मेले का आयोजन होगा। इसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। हर प्रखंड से भागीदारी हो, इसे सुनिश्चित करेंगे। मेले में सॉइल टेस्टिंग काउंटर भी उपलब्ध कराएं। 22 मई को प्रखंड स्तर पर भी खरीफ मेले आयोजित करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें। हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें। बीज का वितरण एसएचजी और एफपीओ के जरिए हो, इसे भी सुनिश्चित करेंगे। मई तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा करें कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि मई तक तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य व पशुओं की दवा के लिए समय पर टेंडर फाइनल करें। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिलों द्वारा बनाई गई कंटिंजेंट प्लान का प्रेजेंटेशन दिया गया। खरीफ कर्मशाला 2026 से संबंधित जानकारी आधारित पुस्तक का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में निदेशक समिति विकास कुमार, निदेशक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन शैलेन्द्र कुमार समेत सभी जिले से आए कृषि पदाधिकारी और कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे। बीएयू के वीसी का जल संरक्षण पर जोर बीएयू कुलपति एससी दुबे ने जल संरक्षण पर बल दिया। कहा, किसान अपने आय के अन्य स्रोत भी विकसित करें। विशेष सचिव गोपालजी तिवारी ने कहा कि संभावित सूखे की स्थिति में किसानों को कैसे राहत पहुंचे इस रणनीति पर हमें काम करना है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखलाक अहमद ने धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी। डॉ. अशोक कुमार सिंह ने धान की उन्नत खेती व डॉ. अरुण ने मिलेट्स खेती की जानकारी दी ।
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