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राजधानी की सड़कों पर मंगलवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पानी-बिजली संकट को लेकर रांची समाहरणालय का घेराव किया और ‘घड़ा फोड़’ प्रदर्शन के जरिए हेमंत सरकार की आलोचना की। जिला स्कूल मैदान से शुरू हुए इस मार्च में बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता शामिल हुए और समाहरणालय पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य के खजाने का इस्तेमाल जनता को प्यास से बचाने के बजाय दूसरे राज्यों के चुनावों में प्रचार के लिए किया गया। राज्य की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, वहीं, सरकार और उसके लोग एसी कमरों में बैठकर ऐश कर रहे हैं। यदि जल-बिजली की स्थिति में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो भाजपा आंदोलन से झारखंड को ठप करेगी। साहू ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इस सरकार को गद्दी से उतारकर भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार चुनेगी। जब तक हर घर पानी- बिजली सुनिश्चित नहीं होती, उनका संघर्ष थमेगा नहीं। जनता को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखा रही सरकार : संजय सेठ रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा विकास के लिए भेजी जा रही राशि का झारखंड में समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं राज्य में फ्लॉप हो रही हैं। सरकार केवल मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखा रही है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से नल जल योजना के लिए मिली 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सरकार डकार गई। प्रदर्शन में ये शामिल हुए विधायक सीपी सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडेय, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, रांची पूर्वी जिला अध्यक्ष विनय महतो, रांची पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, आरती सिंह, शशांक राज, आरती कुजूर, काजल प्रधान, कमाल खान, सुबोध सिंह गुड्डू, सूरज चौरसिया, प्रतुल शाहदेव, सत्यनारायण सिंह, मनोज मिश्रा, केके गुप्ता आदि।
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