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Urolithiasis In Buffalo Calves: बोकारो के चास मॉडल पशु चिकित्सालय के डॉ. अजीत शरण ने भैंस के बच्चों में होने वाली यूरोलिथियासिस यानी पथरी की समस्या के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि इस बीमारी की संभावित वजहें क्या होती हैं, किस तरह के लक्षण दिखते हैं और बचाव के लिए क्या करना चाहिए.
बोकारो. अक्सर सही देखभाल और संतुलित खानपान के अभाव में भैंस के बच्चों में यूरोलिथियासिस की समस्या देखने को मिलती है, जिससे पशु को पेशाब करने में परेशानी होती है और यूरेथ्रा में पथरी बनने लगती है. इसके कारण पशु को तेज दर्द और काफी कष्ट का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में बोकारो के चास मॉडल पशु चिकित्सालय के वरीय पशु चिकित्सक डॉ. अजीत शरण ने यूरोलिथियासिस के लक्षण, उपचार और बचाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं.
डॉ. अजीत शरण के अनुसार, यूरोलिथियासिस की समस्या मुख्य रूप से भैंस के नर बच्चों में देखने को मिलती है. इसमें मूत्र मार्ग में पथरी बन जाती है, जिससे पेशाब के रास्ते में रुकावट होती है और यह समस्या विशेष रूप से 7 से 8 महीने की उम्र के आसपास अधिक देखने को मिलती है.
खानपान में असंतुलन भी कारण
पशु चिकित्सक के अनुसार, भैंस के बच्चों में यूरोलिथियासिस की समस्या का एक कारण खानपान में असंतुलन है. खासकर जब बच्चे पुआल या बिचाली खाना शुरू करते हैं, तब पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कई पशुपालक पशुओं को सीधे सूखा पुआल खिला देते हैं, जिससे पुआल में मौजूद कैल्शियम ऑक्सलेट पशु के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. ऐसे में पशु को पुआल खिलाने से पहले रातभर इसे पानी में भिगोकर रखें और अगले दिन पानी फेंककर ही पुआल पशु को खिलाएं.
ठंड के मौसम में बढ़ सकती है परेशानी
मौसम में बदलाव और खासकर ठंड के दिनों में भी इस समस्या को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि ठंड के दौरान पशु के मूत्र मार्ग में सिकुड़न से पेशाब निकलने में परेशानी बढ़ सकती है. अगर पहले से मूत्र मार्ग में पथरी मौजूद है, तो पेशाब पूरी तरह रुक सकता है. ऐसी स्थिति में मूत्राशय में लगातार पेशाब जमा होने लगता है, जिससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है और ब्लैडर फट सकता है. इससे पशु की मृत्यु भी हो सकती है.
इन बातों पर रखें नजर
यूरोलिथियासिस की समस्या में पशु के व्यवहार और पेशाब करने के तरीके पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. अगर भैंस का नर बच्चा बार-बार पेशाब करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पेशाब नहीं निकल रहा या केवल बूंद-बूंद पेशाब आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क कर उपचार करना चाहिए.
वहीं, अगर यह समस्या बार-बार सामने आती है, तो पशु चिकित्सक की सलाह पर स्थायी सर्जरी एक बेहतर उपचार विकल्प हो सकता है. पशु को हमेशा खाने में मिनरल मिक्सर और उसके वजन के अनुसार हरा और सूखा चारा मिलाकर देना चाहिए.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…