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PM Modi Emotional Moment: एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानवीय और भावुक पक्ष देखने को मिला. कार्यक्रम में मौजूद एक कॉन्स्टेबल, जिसने हाल ही में अपनी मां को खोया था, भावनात्मक रूप से बेहद व्यथित था. यह जानने के बाद प्रधानमंत्री मोदी उसके पास पहुंचे, उसका हाथ थामा और पीठ थपथपाते हुए कहा, “डरो मत.” प्रधानमंत्री के इन शब्दों ने कॉन्स्टेबल को भावनात्मक संबल दिया. इस दृश्य को देखकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उसका हौसला बढ़ाया. यह भावुक पल सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग प्रधानमंत्री के संवेदनशील व्यवहार की चर्चा कर रहे हैं.
बाड़मेर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा दौरे के दौरान एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला जिसने पूरे पांडाल का दिल जीत लिया. नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान जैसे ही कॉन्स्टेबल पिंटाराम गरासिया मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने उनका हाथ पकड़कर कहा, “आप राजस्थान पुलिस के सिपाही हो… डरो मत, आगे तैयारी करो” इतना कहते ही उन्होंने पिंटाराम की पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा दौरे के दौरान आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक पल देखने को मिला, जिसने पूरे पांडाल को तालियों की गूंज से भर दिया. किसान पिता के बेटे की सफलता को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहा तो हर कोई भावुक हो गया. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात देते हुए पचपदरा रिफाइनरी का उदघाटन किया.
कॉन्स्टेबल पिंटाराम गरासिया का पकड़ा हाथ
पचपदरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न विभागों के चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे. इसी दौरान राजस्थान पुलिस में चयनित कॉन्स्टेबल पिंटाराम गरासिया जब मंच पर पहुंचे तो प्रधानमंत्री ने उनसे आत्मीयता से बातचीत की. जैसे ही कॉन्स्टेबल पिंटाराम नियुक्ति पत्र लेकर जाने लगे तो प्रधानमंत्री ने उनका हाथ पकड़ लिया.
हौसला अफजाई कर थपथपाई पीठ
प्रधानमंत्री ने उनका हाथ पकड़कर कहा, ‘आप राजस्थान पुलिस के सिपाही हो… डरो मत, आगे तैयारी करो.’ इसके बाद उन्होंने पिंटाराम की पीठ थपथपाकर उनका उत्साह बढ़ाया है. प्रधानमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और पूरा पांडाल तालियों से गूंज उठा. वही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चेहरे पर भी मुस्कुराहट आ गई.
उदयपुर निवासी है पिंटाराम गरासिया
कॉन्स्टेबल पिंटाराम गरासिया मूल रूप से उदयपुर जिले के रहने वाले हैं. वे अपने परिवार के इकलौते सदस्य हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है. परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने कठिन मेहनत कर राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में चयन हासिल किया है. उनकी माता का पहले ही निधन हो चुका है ऐसे में प्रधानमंत्री से मिले इस सम्मान और प्रोत्साहन ने उनके लिए इस पल को जीवनभर की यादगार बना दिया है. पिंटाराम बताते है कि उनके पिता किसान है और बड़े भाई ने सहयोग कर उन्हें इस काबिल बनाया है.
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