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धनतेरस पर सोना खरीदते समय हॉलमार्क और एचयूआईडी नंबर की जांच जरूर करें। थोड़ी सी सतर्कता से आप असली और मिलावटी सोने की पहचान कर सकते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का हॉलमार्क सोने की शुद्धता की पुष्टि करने का एक प्रमुख आधार है। हॉलमार्क वाले आभूषण पर बीआईएस का त्रिकोण आकार का लोगो और छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक यूनिक कोड (एचयूआईडी) अंकित होता है। ग्राहक इस कोड को बीआईएस केयर ऐप में डालकर आभूषण की शुद्धता और संबंधित ज्वेलर की जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं। सोने की शुद्धता के लिए अलग-अलग कोड निर्धारित हैं। 24 कैरेट सोने पर 999, 22 कैरेट पर 916, 18 कैरेट पर 750 और 14 कैरेट पर 583 कोड अंकित होता है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर आभूषण बनाने में किया जाता है। 18 कैरेट सोना 75 प्रतिशत और 14 कैरेट सोना 58.3 प्रतिशत शुद्ध होता है। सोने-चांदी की हॉलमार्किंग के लिए झारखंड में बीआईएस की 19 और जमशेदपुर में 4 लैब हैं। बड़े ज्वेलरी स्टोर में कैरेटोमीटर मशीन से भी सोने की शुद्धता जांची जा सकती है। यह एक्स-रे तकनीक से बिना आभूषण को नुकसान पहुंचाए कुछ ही सेकंड में जांच करती है। यदि किसी उपभोक्ता को सोने की शुद्धता या उसके नकली होने का संदेह हो, तो वह बीआईएस केयर ऐप के जरिए शिकायत कर सकता है। 1. हॉलमार्क व एचयूआईडी नं. जांचें आभूषण पर बीआईएस का लोगो, शुद्धता का कोड और छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक एचयूआईडी नंबर देखें। केवल हॉलमार्क देखकर संतुष्ट न हों। बीआईएस केयर ऐप में ‘वेरिफाई एचयूआईडी’ विकल्प से नंबर की जांच करें। 2. कैरेट व शुद्धता का कोड समझें 22 कैरेट सोने पर 916 और 18 कैरेट पर 750 कोड अंकित होता है। आभूषण पर दर्ज शुद्धता के कोड की जांचें। दुकानदार से कैरेट की जानकारी लें और बिल में भी इसका उल्लेख करवाएं। 3. सोने का वास्तविक वजन पता करें आभूषण का कुल वजन और शुद्ध सोने का वजन अलग-अलग पूछें। नग, मोती या दूसरे पत्थर लगे हों, तो उनका वजन और कीमत अलग से समझें। सोने की कीमत किस आधार पर तय की गई है, इसकी जानकारी लें। 4. मेकिंग चार्ज और टैक्स की जानकारी लें, दुकानवार अंतर होता है अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है। भुगतान से पहले मेकिंग चार्ज की दर पूछें। जीएसटी और अन्य शुल्क की जानकारी लें। अंतिम बिल में सभी शुल्क का हिसाब स्पष्ट होना चाहिए। 5. पक्का बिल जरूर लें और एक्सचेंज की शर्तों को समझें खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें। बिल में वजन, कैरेट, शुद्धता, सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज व टैक्स का ब्योरा होना चाहिए। आभूषण को वापस बेचने या एक्सचेंज करने की शर्तें पहले समझ लें। 6. शुद्धता कम मिलने पर ग्राहक को मुआवजा देने का प्रावधान यदि जांच में हॉलमार्क वाला आभूषण अंकित शुद्धता से कम पाया जाता है, तो ग्राहक मुआवजे का हकदार हो सकता है। {बीआईएस नियम, 2018 के नियम 49 के तहत शुद्धता में कमी के आधार पर अंतर की राशि का दोगुना और जांच शुल्क देने का प्रावधान है। सोना खरीदते समय ये 6 सावधानियां बरतें… बीआईएस केयर ऐप से 6 अंकों के कोड की कर सकते हैं पुष्टि (जैसा कि कुणाल कुमार ने दैनिक भास्कर के सीनियर रिपोर्टर ललित दुबे को बताया) कुणाल कुमार, निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो, जमशेदपुर शाखा
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