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Koderma Water Falls: झारखंड के कोडरमा में मानसून के सीजन में वृंदाहा और पेट्रो वॉटरफॉल जीवंत हो उठते हैं. यहां लोग परिवार और दोस्तों के साथ आते हैं और प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेते हैं. पिकनिक के लिए भी यह जगह बेहतरीन मानी जाती है.
कोडरमा. झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही कोडरमा जिले के प्राकृतिक पर्यटन स्थल एक बार फिर जीवंत हो उठे हैं. जिले का वृंदाहा और पेट्रो वॉटरफॉल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं, बल्कि कोडरमा में पर्यटन को भी नई पहचान दे रहे हैं. दोनों वॉटरफॉल इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं. जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर प्रकृति की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं.
चारों ओर फैली घनी हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पहाड़, समतल चट्टानें, प्राकृतिक घाटियां और सैकड़ों फीट की ऊंचाई से गिरते झरनों का मनमोहक दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. छुट्टी के दिनों में परिवार और दोस्तों के साथ लोग यहां पिकनिक मनाने, फोटोग्राफी करने और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने पहुंच रहे हैं. झरनों की कलकल करती धारा और पक्षियों की मधुर चहचहाहट पर्यटकों को एक अलग ही सुकून का एहसास कराती है.
प्राकृतिक कुंड से निकलकर 7 कुंडों से होकर तलहटी तक पहुंचता है पानी
सतगांवा प्रखंड स्थित पेट्रो वॉटरफॉल अपनी अनोखी प्राकृतिक संरचना के कारण विशेष पहचान रखता है. इसका जलस्रोत महावर पहाड़ की चोटी पर स्थित एक प्राकृतिक कुंड है. इसी कुंड में पहाड़ से पानी एकत्र होता है और फिर धीरे-धीरे पहाड़ की ढलानों से रिसते हुए सात अलग-अलग प्राकृतिक कुंडों से होकर नीचे तलहटी तक पहुंचता है. इस दौरान पानी कई प्रकार के पेड़-पौधों के बीच से होकर गुजरता है, जिससे इसकी स्वच्छता और प्राकृतिक गुणवत्ता बनी रहती है.
स्थानीय लोगों ने बताया है कि पेट्रो वॉटरफॉल का पानी बेहद मीठा और साफ है. यही कारण है कि यहां पिकनिक मनाने आने वाले अधिकांश लोग बाजार से लाया गया पैकेज्ड पानी इस्तेमाल ही नहीं करते. वे इसी प्राकृतिक जल का उपयोग भोजन बनाने और पीने के लिए करते हैं. कई पर्यटक तो वापसी के समय भी इस पानी को अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं.
वॉटरफॉल का मीठा पानी भोजन बनाने और पचाने में करता है मदद
बासोडीह के पूर्व पंचायत समिति सदस्य निहाज अंसारी और वरिष्ठ पत्रकार शंकर देव प्रजापति ने बताया कि महावर पहाड़ के शिखर पर स्थित प्राकृतिक कुंड को ही पेट्रो वॉटरफॉल का मूल स्रोत माना जाता है. यह पानी सात प्राकृतिक कुंडों से होकर नीचे आता है और हर स्तर पर झरने की अलग-अलग ध्वनि सुनाई देती है. आसपास का शांत वातावरण, पहाड़ों की हरियाली और पक्षियों की चहचहाहट इस स्थल को और भी आकर्षक बना देती है. यहां के पानी की एक और विशेषता यह मानी जाती है कि इससे बना भोजन स्वादिष्ट होता है और पानी पीने के बाद भोजन जल्दी पचने का अनुभव होता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें