Last Updated:
हनुमान जी की जन्मस्थली माना जाने वाला गुमला का आंजन धाम आस्था का बड़ा केंद्र है. जिले के लोग बजरंगबली के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं. यहां आंजन धाम के अलावा पंपापुर, चपका और शहर के प्राचीन मंदिरों सहित कुल 5 सिद्ध मंदिर बेहद प्रसिद्ध हैं. इन मंदिरों में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.
गुमला-रांची मुख्य मार्ग पर शहर से लगभग 7 किमी दूर यह जिला प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर स्थित है. नेशनल हाईवे के निर्माण के कारण, इसी साल फरवरी में इसे पुराने स्थान से हटाकर थोड़ी पीछे नई जगह पर विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया है. यह मंदिर आज भी भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है.
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित पंपापुर पहाड़ की गुफा में हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है. यहाँ बजरंगबली की पंचमुखी प्रतिमा स्थापित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता सीता की खोज के दौरान प्रभु श्री राम और लक्ष्मण यहाँ पधारे थे. इस सिद्ध गुफा मंदिर में दर्शन और मन्नत मांगने से भक्तों की हर मुराद पूरी होती है.
शहर के बीचों-बीच बड़ाइक मोहल्ला में स्थित यह मंदिर जिले के सबसे प्राचीन स्थलों में से एक है. यहाँ हनुमान जी के कंधे पर प्रभु श्री राम और लक्ष्मण विराजमान हैं, जो अत्यंत दुर्लभ है. ‘मनोकामना पूर्ति हनुमान’ के रूप में विख्यात इस मंदिर में भक्तों की गहरी आस्था है और यहाँ मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
गुमला के आंजन गांव में स्थित आंजन धाम को हनुमान जी की जन्मस्थली माना जाता है. यहाँ बाल हनुमान की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है, जिसमें वे माता अंजनी की गोद में विराजमान हैं। शहर से लगभग 19 किमी दूर स्थित यह धाम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है और इसे रामायण काल से जोड़ा जाता है.
यह मंदिर गुमला जिले के घाघरा प्रखंड अंतर्गत गुमला-लोहरदगा मुख्य मार्ग पर चपका गांव में स्थित है. यहाँ हनुमान जी की एक अत्यंत भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, जो भी श्रद्धालु यहां सच्चे मन से अपनी मुराद मांगता है, पवनपुत्र उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं.