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रांची के बहुचर्चित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय कुमार महतो की मौत की गुत्थी सुलझाने में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई भी नाकाम रही। करीब चार वर्षों की लंबी जांच और तमाम वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद सीबीआई ने विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि उसे इस मामले में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या की साजिश का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, 5 फरवरी 2016 की रात 1:01:14 बजे विनय महतो अपने बॉयज हॉस्टल से बाहर निकला था और महज 3 मिनट 48 सेकंड के भीतर, यानी 1:05:02 बजे वह स्टाफ क्वार्टर (विंग-ए) से नीचे गिर गया। क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने का अनुरोध जांच अधिकारी द्वारा किया गया है। विनय के पिता मनबहाल महतो ने झारखंड हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की थी। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर जुलाई 2022 में इस केस की जिम्मेदारी संभालने वाली सीबीआई ने अपनी तफ्तीश के दौरान घटनास्थल का कई बार ‘रिक्रिएशन’ किया और स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। क्लोजर रिपोर्ट से परिजनों को गहरा झटका लगा है। आगे क्या: परिजन जा सकते हैं कोर्ट विधि विशेषज्ञों का कहना है कि अब अदालत तय करेगी कि वह एजेंसी के निष्कर्षों से सहमत है या नहीं। यदि पीड़ित परिवार ‘प्रोटेस्ट पिटीशन’दायर करता है, तो कोर्ट स्वतंत्र जांच का आदेश दे सकती है। जांच के मुख्य बिंदु सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हॉस्टल और प्रिंसिपल के आवास के बीच लगे कैमरों में विनय का पीछा करता हुआ कोई दूसरा व्यक्ति नजर नहीं आया। स्टाफ क्वार्टर और हॉस्टल के बीच की दूरी लगभग 480 मीटर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इतने कम समय में किसी के द्वारा उसे ले जाना या वहां कोई संघर्ष होना, यह साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं होता। एजेंसी ने हादसा की संभावना जताई है।
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