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रक्तदान से घबराहट क्यों? जानिए शरीर में कितने दिन में बनता है...


जमशेदपुर: किसी ने सही कहा है, “रक्तदान महादान है.” फिर भी आज भी कई लोग रक्तदान करने से घबराते हैं. कुछ लोगों को लगता है कि खून देने से शरीर कमजोर हो जाएगा, जबकि कुछ का मानना है कि एक बार खून निकल गया तो वह दोबारा नहीं बनेगा. लेकिन चिकित्सा विज्ञान और डॉक्टरों के अनुसार ये सिर्फ गलत धारणाएं हैं.

जमशेदपुर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनीता कामत बताती हैं कि रक्तदान न केवल जरूरतमंद लोगों की जान बचाता है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से लाभदायक होता है. उनके अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 5 से 6.5 लीटर रक्त होता है. रक्तदान के दौरान केवल 350 से 450 मिलीलीटर रक्त लिया जाता है, जो शरीर में मौजूद कुल रक्त की मात्रा का बहुत छोटा हिस्सा होता है. इसे समुद्र से एक लोटा पानी निकालने जैसा माना जा सकता है.

इस उम्र के लोग करें रक्तदान
डॉ. कामत के अनुसार 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकते है. रक्तदान के बाद शरीर तेजी से नए रक्त का निर्माण शुरू कर देता है. रक्त का तरल भाग 24 से 48 घंटे में सामान्य हो जाता है, जबकि रक्त कोशिकाएं भी धीरे-धीरे पुनः बन जाती हैं. सामान्यतः पुरुष हर तीन महीने और महिलाएं चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकती हैं.

रक्तदान का एक बड़ा फायदा यह भी है कि रक्तदाता के कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण निशुल्क किए जाते हैं. इनमें एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया, हीमोग्लोबिन और अन्य जरूरी जांचें शामिल होती हैं. यदि किसी जांच में कोई समस्या पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी दी जाती है ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके. निजी लैब में यही जांचें कराने पर हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं.

रक्तदान से शरीर कमजोर नहीं होता
विशेषज्ञों का कहना है कि रक्तदान से शरीर कमजोर नहीं होता. इसके विपरीत, यह शरीर में नए रक्त निर्माण की प्रक्रिया को सक्रिय करता है. साथ ही कई लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिल जाता है.

आज देश में हजारों बच्चे और मरीज ऐसे हैं जो थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, कैंसर, बड़ी सर्जरी, दुर्घटना या गंभीर बीमारियों के कारण नियमित रक्त पर निर्भर रहते हैं. ऐसे मरीजों के लिए रक्तदाता किसी भगवान से कम नहीं होते. उनका जीवन किसी अनजान व्यक्ति द्वारा किए गए रक्तदान पर टिका होता है.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी को कब और किस रक्त समूह की जरूरत पड़ जाए, यह कोई नहीं जानता. आज आप किसी की मदद करेंगे, तो कल जरूरत पड़ने पर कोई और आपकी मदद के लिए आगे आएगा. इसलिए यदि आप स्वस्थ हैं और रक्तदान करने योग्य हैं, तो रक्तदान जरूर करें. आपका कुछ मिनट का समय और एक यूनिट रक्त किसी परिवार की उम्मीद, किसी मां की मुस्कान और किसी मरीज की जिंदगी बचा सकता है. सचमुच, रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है.



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