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शिकायत लेकर बरियातू थाना पहुंची
राजधानी रांची की सड़कें महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रही। एक छात्रा से छेड़छाड़ की घटना के दो दिन बाद फिर एक लड़की से छेड़छाड़ की गई। 25 साल की यह लड़की रविवार रात नौ बजे मीटिंग खत्म कर टैगोर हिल रोड से करमटोली की ओर जा रही थी। तभी बाइक सवार युवक ने छेड़छाड़ की। वह किसी तरह बचकर घर पहुंची। अगले दिन सोमवार को जब वह बरियातू थाना पहुंची, तो एफआईआर दर्ज करने की बजाय पुलिस ने दो घंटे थाने में खड़ा रखा। हद तो तब हो गई, जब पुलिस ने आवेदन लेकर बिना मुहर के ही युवक को रिसीविंग थमाकर थाने से चलता कर दिया। रात 11 बजे तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। युवती ने भास्कर को बताया कि सुबह 11 बजे सहेली के साथ थाना पहुंची। वहां पुलिसकर्मियों को आपबीती सुनाई। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे नजरअंदाज कर दिया। आवेदन देने गई तो कहा गया कि बड़ा बाबू नहीं हैं, इंतजार कीजिए। कई बार आवेदन देने की कोशिश की, लेकिन कोई लेने को तैयार नहीं हुआ। करीब दो घंटे के आग्रह के बाद दोपहर एक बजे आवेदन में बिना मुहर लगाए ही रिसीव लिखकर दे दिया। थानेदार का झूठ देखिए…कहा-कोई युवती थाना नहीं आई
तस्वीर में युवती थाने में बैठी दिख रही है। उसके पास शिकायत की रिसीविंग भी है। फिर भी थानेदार प्रकाश रजक ने इस मामले को झुठला दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी की शिकायत लेकर कोई युवती थाना नहीं पहुंची। वे खुद दोपहर 12 बजे से दिन भर थाने में बैठे थे। अगर कोई युवती थाना आती तो उन्हें जरूर जानकारी होगी। आवेदन मिला होगा तो एफआईआर दर्ज की जाएगी। दोपहर 2:45 बजे फिर बुलाया, घटनास्थल पर ले गई पुलिस
थाने से लौटने के करीब तीन घंटे बाद दोपहर 2:45 बजे पुलिस ने उसे फिर बुलाया। वह सहेली के साथ पहुंची। पुलिस अधिकारी उसे लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। वहां पुलिस ने अपने मोबाइल में घटनास्थल का वीडियो बनाया। युवती ने वहां एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे दिखाते हुए फुटेज जांच करने की मांग की। लेकिन घर में ताला बंद था। इससे फुटेज की जांच नहीं हो सकी।
तीन दिन पहले करमटोली में हुई थी छेड़छाड़: इससे पहले 22 मई को करमटोली में एक छात्रा के साथ सेना के जवान ने छेड़छाड़ की थी। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।
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