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मिर्जापुर में 1700 करोड़ रुपये की लागत से गंगा नदी पर सिक्स लेन पुल और 15 किलोमीटर लंबे बाईपास रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है. इस परियोजना से मिर्जापुर-प्रयागराज, मिर्जापुर-औराई और मिर्जापुर-रीवा मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे. विंध्याचल धाम आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी, जबकि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वांचल के बीच कनेक्टिविटी भी पहले से अधिक तेज और सुगम हो जाएगी.
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में 1700 करोड रुपए से सिक्स लेन पुल और बाईपास रोड का निर्माण किराया जा रहा है. बाईपास रोड का निर्माण हो जाने के बाद मिर्जापुर जिले की तीन हाईवे एक दूसरे से कनेक्ट हो जाएंगे. ऐसे में बड़े महानगरों के साथ ही कई महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों व पूर्वांचल से कनेक्टिविटी तेज हो सकेगी. मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले भक्तों को भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. मिर्जापुर जिले में बनने वाले बाईपास रोड व पुल का काम तेजी के साथ किया जा रहा है. जमीन अधिग्रहित की जाने के बाद पुल के निर्माण के साथी बाईपास रोड के निर्माण को लेकर भी तीव्र गति से काम हो रहा है.
1700 करोड की लागत से बनेगा पुल और बाई-पास रोड
मिर्जापुर जिले में गंगा नदी पर वर्तमान में शास्त्री सेतु ही एकमात्र पुल है. शास्त्री सेतु से ही बड़े वाहनों का आवागमन होता है. यह पुल मिर्जापुर जिले को पूर्वांचल के साथ ही बड़े राज्यों से जोड़ता है. मिर्जापुर में नए पुल बनाने की मांग लंबे चली आ रही थी. ऐसे में नए पुल के साथ ही तीन हाईवे को जोड़ते हुए बायपास रोड भी बनाने के लिए प्रपोजल भेजा गया. 1700 करोड रुपए से बनने वाले पुल और बाई-पास रोड का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद किसानों से जमीन अधिग्रहित की गई, जहां अब तेरी के साथ पुल और सड़क के निर्माण का काम किया जा रहा है.
जुड़ेंगे तीन हाइवे
मिर्जापुर में बनने वाले बाईपास रोड से मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग, मिर्जापुर-औराई मार्ग और मिर्जापुर रीवा मार्ग जुड़ेंगे. करीब 15 किलोमीटर का बाईपास सड़क का निर्माण किया जा रहा है. वहीं, गंगा नदी पर सिक्स लेन पुल भी बनाया जाएगा. सिक्स लेन पुल के साथ ही 60 मीटर सड़क भी होगी. सड़क को अत्याधुनिक तकनीक से बनाया जाएगा. बाईपास रोड बनने के बाद विंध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. जाम की समस्या खत्म होगी, इसके साथ ही मिर्जापुर की कनेक्टिविटी भी तेज होगी. समय कभी बचत होगा.
दिल्ली की फर्म करा रही काम
पुल और बाईपास बनने के बाद मिर्जापुर के खनन व्यवसाय को भी पंख लगेंगे. पूर्वांचल आने जाने वाले वाहनों को नो एंट्री का सामना नहीं करना पड़ेगा, इसके साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ झारखंड जैसे राज्यों से भी कनेक्टिविटी तेज हो सकेगी. प्रयागराज जाने वाले वाहनों को भी जाम के झाम में परेशान नहीं होना पड़ेगा. काम इसी तरीके से चला रहा तो 2 से 3 सालों में काम पूर्ण कर लिया जाएगा. दिल्ली की शिवल्या कंस्ट्रक्शन कंपनी बाईपास सड़क और पुल के निर्माण का काम कर रही है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें