![]()
लोहरदगा|देश में प्रस्तावित परिसीमन और लोकसभा सीटों की संभावित बढ़ोतरी को लेकर लोहरदगा लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि संसद में सांसदों की संख्या बढ़ाना लोकतंत्र की मजबूती का उपाय नहीं है बल्कि इससे व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वे राहुल गांधी के विचारों से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोकसभा में 543 सदस्य हैं और सभी सांसदों को जनता के मुद्दे उठाने तथा अपने विचार रखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। ऐसे में केवल सांसदों की संख्या बढ़ा देना किसी समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पहले से ही बहुस्तरीय है। राज्यों की अपनी सरकारें हैं, वहीं ज़िला परिषद, नगर निगम और अन्य स्थानीय निकाय स्थानीय स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। इसलिए प्रतिनिधित्व को केवल सांसदों की संख्या बढ़ाने तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार छात्रों की पीड़ा को समझती है : लोहरदगा|लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने जेपीएससी पेपर लीक मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार छात्रों की पीड़ा को समझती है। निश्चित रूप से हम चाहते हैं छात्र की जो पीड़ा है उनका साल कभी बर्बाद ना हो और सरकार की क्रेडिबिलिटी बरकरार रहे। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जो चीख चीख कर बोल रही है यह कहीं ना कहीं हमारी सरकार को बदनाम करने की साजिश है। सांसद ने आंकड़े कि जानकारी देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के पहले 16 साल में 5 परीक्षा आयोजित किए गए। हेमंत सरकार में 14वां परीक्षा चल रहा है। हमें जब सरकार मिली थी तब 5वें परीक्षा में थे।
Source link