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- The Secretary Has Been Absent For 10 Days, The Post Of Controller Of Examinations Has Been Vacant For 8 Years, And The Institution With 2.4 Million Students Has Been Vacant.
रांची4 घंटे पहले
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रांची राज्य के 24 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षाओं, परिणामों और प्रमाणपत्रों का जिम्मा संभालने वाला झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) इन दिनों लगभग बिना स्थायी प्रशासनिक ढांचे के संचालित हो रहा है।
स्थिति यह है कि जैक चेयरमैन को छोड़कर सचिव, उपाध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और संयुक्त सचिव जैसे अधिकांश पद या तो खाली हैं या अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहे हैं। इसका असर जैक के कामकाज पर साफ दिखने लगा है। 16 जून से मध्यमा व मदरसा परीक्षा पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
वहीं स्क्रूटनी, वेरिफिकेशन, प्रमाणपत्र वितरण और स्कूलों की प्रस्वीकृति समेत अन्य कार्य प्रभावित हो गए हैं। कौन-सा पद कब से खाली जैक सचिव का पद पिछले 10 दिनों से खाली है। उपाध्यक्ष का पद करीब 18 महीने से रिक्त पड़ा है। दो संयुक्त सचिवों में एक का पद 30 महीने से खाली है, जबकि दूसरे पद पर कार्यरत अधिकारी अतिरिक्त प्रभार में हैं। परीक्षा नियंत्रक का पद पिछले 8 वर्षों से भरा ही नहीं गया है, जबकि झारखंड अधिविद्य परिषद अधिनियम में इस पद का स्पष्ट प्रावधान है। इन कार्यों पर असर सचिव के अभाव में मध्यमा और मदरसा परीक्षा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
परीक्षा 16 जून से है, लेकिन प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं हो पा रहे हैं। जैक ने प्रवेश पत्र डाउनलोड की समय-सीमा 12 जून तक बढ़ा दी है। स्क्रूटनी की प्रक्रिया ठप पड़ गई है। कई छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के बाद अपने अंकों के पुनर्मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं। वेरिफिकेशन कार्य भी प्रभावित है। वहीं 8, 9 और 11 की विशेष परीक्षाओं से जुड़े कार्य लंबित हैं। याचिका दायर करेगा मोर्चा वित्तरहित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष फजलुल कदीर अहमद, रघुनाथ सिंह समेत अन्य ने कहा कि तीन दिनों के भीतर जैक में सचिव की नियुक्ति नहीं की गई तो 16 जून को झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
इसके अलावा 12 जून को राज्यभर के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों और शिक्षक प्रतिनिधियों की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने जैक में रिक्त पड़े महत्वपूर्ण पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। मोर्चा के अध्यक्ष मंडल के रघुनाथ सिंह का कहना है कि सचिव की नियुक्ति में हो रही देरी का सीधा असर छात्रों के साथ शिक्षण संस्थानों पर पड़ रहा है। नियुक्ति नहीं होने की धमकी दी है।
