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Jodhpur Hindi News: जोधपुर के मंडोर स्थित ओपन जेल परिसर में एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला, जब बंदी मूलाराम और सीमा ने वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया. यह विवाह राजस्थान हाईकोर्ट की विशेष अनुमति के बाद संभव हो सका, जिसे सुधारात्मक न्याय और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल माना जा रहा है. समारोह में दोनों परिवारों के परिजन और रिश्तेदार शामिल हुए तथा जेल परिसर में ढोल-नगाड़ों और शहनाइयों के बीच खुशियों का माहौल रहा. जेल प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की पूरी जिम्मेदारी निभाई. इस पहल ने यह संदेश दिया कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देना भी है.
जोधपुर: जोधपुर के मंडोर स्थित ओपन जेल परिसर में एक ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला अवसर देखने को मिला, जब परिसर में ढोल-नगाड़ों और शहनाइयों की गूंज के साथ खुशियों का माहौल छा गया,सुधारात्मक न्याय व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश करते हुए बंदी मूलाराम और सीमा वैदिक रीति-रिवाज से विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए. यह विशेष विवाह राजस्थान हाईकोर्ट की एक संवेदनशील और मानवीय पहल के कारण संभव हो सका, जिसकी विशेष अनुमति मिलने के बाद दोनों परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई.
इस सुखद पल के साक्षी बनने के लिए दोनों पक्षों के परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भारी उत्साह के साथ मौजूद रहे. पूरे समारोह को शांतिपूर्ण, गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जेल प्रशासन ने अपना पूर्ण सहयोग दिया. ओपन जेल प्रभारी हापू राम की प्रत्यक्ष निगरानी में सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं पूरी की गईं, वहीं सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत खुद इस पूरे आयोजन और व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते रहे. कानून और सुधारात्मक न्याय के इस अनूठे संगम ने यह साबित कर दिया कि व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का सम्मान करते हुए जीवन को नई दिशा देना भी है.
कृषि विश्वविद्यालय स्थित खुली जेल में बंद दो बंदी बंधे परिणय सूत्र में
अच्छे आचरण और चरित्र के कारण खुली जेल में रह रहे दोनों बंदियों का आपस में प्रेम चढ़ा परवान, बंदी मूलाराम और बंदी सीमा की आपस की रजामंदी पहुंच गई विवाह की इच्छा तक अधिवक्ता कालूराम भाटी के जरिए राजस्थान हाई कोर्ट पहुंचा विवाह की अनुमति संबंधी मामला, हाईकोर्ट न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी और प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने दी नियमानुसार विवाह की अनुमति, हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार खुली जेल में विधि विधान से संपन्न हुआ दोनों का विवाह, दूल्हा-दुल्हन के परिवारजनों के अलावा हाईकोर्ट अधिवक्ता, जेल प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी बने गवाह, परिवार में गमी के कारण अधिवक्ता कालूराम भाटी नहीं हो पाए विवाह समारोह में शामिल, अधिवक्ता कालूराम भाटी की टीम में शामिल अधिवक्ता स्वप्न चौहान, नीरज पंवार, रोहित सिंह रावल और कल्पना गोसाई ने की शिरकत, विधि विधान से चंवरी में बैठने के बाद लिए दूल्हा-दुल्हन ने लिए फेरे, विवाह संबंधी हर संस्कार को अपनाकर विधिवत रूप से संपन्न हुआ विवाह, जेल एसपी प्रमोद सिंह शेखावत और खुली जेल प्रभारी हापुराम बराबर रखते रहे निगरानी.
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Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…
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