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ताकि शिक्षकों की कमी दूर हो शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करेगा। यह फैसला चाईबासा मुख्यालय में मंगलवार को कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित सिंडिकेट की बैठक में लिया गया। राज्य विश्वविद्यालय आयोग की नई नियमावली के तहत आयोजित इस सिंडिकेट की पहली बैठक में विश्वविद्यालय और इसके अंगीभूत कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करने समेत कर्मचारियों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में पिछली अकादमिक काउंसिल के सभी निर्णयों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. अमर कुमार समेत सिंडिकेट के सभी प्रमुख सदस्य मौजूद थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों में पठन-पाठन को दुरुस्त करने के लिए अतिथि शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ कर दिया है। नए निर्णय के अनुसार, पीजी के विभिन्न विषयों में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी अब अतिथि शिक्षक के रूप में आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा पीजी टॉपर तथा नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी अतिथि शिक्षक बनने का मौका मिलेगा। इन शिक्षकों की नियुक्ति संबंधित कॉलेजों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर की जाएगी। मानदेय योग्यता के आधार पर
नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण: 18,000 प्रतिमाह
पीजी टॉपर: 15,000 प्रतिमाह
पीजी 55% अंकधारी: 10,000 प्रतिमाह नियुक्ति के लिए विवि तैयार कर रहा एसओपी: इन नियुक्तियों के संचालन के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया जा रहा है। अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान सीधे संबंधित कॉलेज के ‘ए-अकाउंट’ से किया जाएगा।
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