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कोरोना ने इस देश की बहुत सी चीजों को बदलकर रख दिया. कोरोना ने जीवन के प्रति लोगों का सोच-विचार बदलने के साथ ही कई चीजें बदल दिया. उस दौर में लॉकडाउन से कई लोग ऐसे बेरोजगार हुए कि दोबारा संभल नहीं पाए. इस दौरान बहुत सी चीजें बंद हो गई. उन्हीं में से है कोडरमा का गोपाष्टमी मेला. कोडरमा में हर साल यह मेला लगता था लेकिन, कोरोना के समय से यह ऐसा बंद हुआ कि अब जाकर 7 साल बाद फिर से एक बार मेला सजेगा.
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है. कोरोना काल के दौरान बंद हुआ कोडरमा का ऐतिहासिक गोपाष्टमी मेला सात साल बाद एक बार फिर भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है. श्री कोडरमा गौशाला समिति की ओर से आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. गौशाला परिसर में रंग-रोगन, साफ-सफाई और सजावट का काम तेजी से कराया जा रहा है. इस बार मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के मनोरंजन के लिए कई तरह के कार्यक्रम और आकर्षण की व्यवस्था की जा रही है. श्री कोडरमा गौशाला समिति के कार्यकारी सचिव जितेंद्र कुमार अरुण ने विशेष बातचीत में बताया कि कोरोना काल के बाद ऐतिहासिक गोपाष्टमी मेले का आयोजन बंद हो गया था. अब सात साल के लंबे अंतराल के बाद समिति ने इसे फिर से भव्य तरीके से आयोजित करने का निर्णय लिया है. मेले को लेकर समिति के पदाधिकारी और सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं. आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवसर उपलब्ध कराना है. मेला के बेहतर आयोजन के लिए राम रतन महर्षि और प्रदीप खाटूवाला मेला मंत्री बनाए गए हैं.
झूला, मीना बाजार और फूड स्टॉल भी करेंगे आकर्षित
उन्होंने बताया कि इस बार गौशाला परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित 28 आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कराई जा रही हैं. कलाकार इन प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. एक ही परिसर में कृष्ण लीला से जुड़ी अलग-अलग झांकियों का दर्शन श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा. इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए जाएंगे. मेले में खिलौनों की दुकानें, फूड स्टॉल, मीना बाजार और अन्य मनोरंजन के साधन भी लोगों को आकर्षित करेंगे.
पांच दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रमों की रहेगी धूम
17 नवंबर को कोडरमा जिले के स्थानीय कलाकारों की ओर से भुले-बिसरे गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी.
18 नवंबर को शंकर सम्राट का जादू शो आयोजित होगा.
19 नवंबर को इंटर स्कूल समूह नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से स्कूली बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाएंगे.
20 नवंबर को इंटर स्कूल चित्रकला एवं हास्य नाटिका प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.
21 नवंबर को हास्य कवि सम्मेलन के साथ पांच दिवसीय मेले का समापन होगा.
सुरक्षा और व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान
इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा. मेले में कोडरमा जिले के अलावा बरही, बरकट्ठा, गिरिडीह, राजधनवार सहित आसपास के कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. इसे देखते हुए समिति की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है. जितेंद्र कुमार अरुण ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों का भी सहयोग लिया जाएगा. ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. गौशाला परिसर में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है. समिति का प्रयास है कि मेले में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर माहौल मिले और सभी कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से संपन्न हों. सात साल बाद लौट रहे इस ऐतिहासिक मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है. गोपाष्टमी मेला एक बार फिर कोडरमा की पुरानी रौनक और मेले की परंपरा को जीवंत करने की तैयारी में है.
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