रांची: झारखंड की राजधानी रांची की भव्या रंजन 99.8% लाकर आर्ट्स स्ट्रीम में 12वीं में नेशनल टॉपर बनी हैं. ऐसे में उन्होंने अपना स्टडी रूम दिखाते हुए बताया कि यह कैसा होता है, टॉपर का खासतौर पर नेशनल टॉपर का स्टडी रूम और उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें आगे चलकर क्या करना है. अपने रूटीन से लेकर अपने डाइट तक को उन्होंने लोकल 18 की टीम से साझा किया.
IAS ऑफिसर बनने का है लक्ष्य
भव्या रंजन बताती हैं कि वह बचपन से ही ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की हैं. उनका कॉन्सेप्ट पूरी तरह क्लियर था कि मुझे आगे चलकर आईएएस ऑफिसर बनना है. ऐसे में सृष्टि देशमुख जो की यूपीएससी में फोर्थ रैंक फोल्डर हैं. वह उनसे काफी प्रभावित हैं. उन्होंने उनके कई इंटरव्यू देखे हैं और आगे चलकर उन्हें भी उन्हीं की तरह यूपीएससी क्रैक करना है. जिसके लिए वह अभी से ही तैयारी में जुट गई हैं.
कम बुक में ही करें तैयारी
भव्या बताती हैं कि उनके स्टडी रूम को आप देखेंगे तो एकदम साधारण है. बहुत अधिक किताब नहीं हैं, मुश्किल से 15 से 20 बुक देखने को मिलेंगी. क्योंकि उनका मानना है कि बहुत अधिक बुक पढ़ने से अच्छा है कि आप एक किताब को 25 से 30 बार पढ़ें. बहुत अधिक पढ़ने से बचना चाहिए. कॉन्सेप्ट की क्लेरिटी सबसे जरूरी है, रिवीजन उससे भी अधिक. एक ही चीज को 100 तरीके से पढ़ सकते हैं. इसीलिए उनकी स्टडी रूम में आपको बहुत अधिक बुक्स देखने को नहीं मिलेगी.
हनुमान चालीसा और गीता का भी करती हैं अध्ययन
भव्या आगे बताती हैं कि उनके स्टडी रूम में आपको हनुमान चालीसा, रामचरित्र मानस, कई सारे वेद और ग्रंथ देखने को मिलेंगे. वह यह सब भी पढ़ा करती हैं. उनके भाई ने भी उनके क्लास 12वीं का एग्जाम दिया है. उसका 92% आया है. ऐसे में हम दोनों मिलकर यह किताब भी पढ़ते हैं. इससे हमें पाॅजिटीविटी और धार्मिक दृष्टिकोण भी समझने में मदद मिलती थी और अपने लक्ष्य के प्रति कंसिस्टेंसी और समर्पण आसान हो जाता था.
दोस्तों की बर्थडे पार्टी कभी नहीं छोड़ी
भव्या बताती हैं कई बार ऐसा लोगों को लगता है कि जो नेशनल टॉपर होते हैं. वह दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं. कोई बर्थडे पार्टी में नहीं जाते या फिर कोई साधारण पार्टी में भी नहीं जाते. पर उन्होंने ऐसे बिल्कुल भी कुछ नहीं किया. जहां भी इनवाइट किया गया, दोस्तों के साथ वहां पर गई, दोस्तों के बर्थडे पार्टी में दोस्तों के साथ बाहर जाना यह सब किया, लेकिन, हर दिन 4 से 5 घंटे का जो समय उनकी पढ़ाई का होता था. उसमें कोई डिस्टरबेंस नहीं होता था. वह पूरा का पूरा फोकस के साथ उसे कंप्लीट करती थी.
पढ़ाई में बैलेंस है सबसे ज्यादा जरूरी
इसके अलावा भव्या ने बताया कि पढ़ाई में बैलेंस बहुत जरूरी है. अब बाहर आप बर्थडे पार्टी अटेंड करें अच्छी बात है, लेकिन वहां से आने के बाद आपको फिर अपनी पढ़ाई कंप्लीट करना है. पढ़ाई को नजर अंदाज करके पार्टी में नहीं जाना है, जितने भी सब्जेक्ट हैं, अगर हिस्ट्री है, ज्योग्राफी है, हर सब्जेक्ट को एक बराबर समय देना है तो सब्जेक्ट को भी बैलेंस करके चलना है. अगर तीन सब्जेक्ट हैं तो तीनों को दो घंटा हम दे रहे हैं. किसी को कम या अधिक इंपॉर्टेंस नहीं देना है. उन्होंने ऐसा ही किया है. इसके साथ ही अधिक रिवीजन व मॉक टेस्ट लास्ट में मील का पत्थर साबित हो गया.
स्टडी रूम को रखा एकदम साफ
अपना रूम दिखाते हुए भव्या कहती हैं कि स्टडी रूम एकदम साफ होना चाहिए. आपका पेन और पेंसिल कॉर्नर भी ऑर्गेनाइज होना चाहिए. इससे आपके दिमाग में क्लेरिटी आती है. बुक्स है तो बुक्स अपनी जगह पर, पेन है तो पेन अपनी जगह पर, हर चीज एकदम ऑर्गेनाइज्ड रखें. इससे आपका दिमाग भी एकदम क्लियर रहेगा और दिमाग क्लियर रहेगा तो पढ़ाई भी बहुत अच्छे से कर पाएंगे.