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रांची के गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रभात के मुताबिक बगीचे के कचरे से घर पर ही मुफ्त जैविक खाद बन सकती है. सड़े आम, गुठली और सूखे पत्तों में गोबर खाद मिलाकर 25-30 दिन सड़ने दें. सब्जियों के कचरे से भी 15 दिन में खाद तैयार होती है. इससे पौधे हरे-भरे रहते हैं.
रांची: अगर आप घर में गार्डनिंग के शौकीन हैं, तो बाजार से महंगी खाद, केमिकल या कीटनाशक खरीदने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. रांची के गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रभात के अनुसार, आप घर पर ही एकदम मुफ्त में बेहद असरदार ऑर्गेनिक खाद तैयार कर सकते हैं.
सड़े आम और सूखे पत्तों का कमाल आजकल आम का सीजन है. अक्सर पेड़ से सड़-गलकर आम नीचे गिर जाते हैं या घर में बेकार हो जाते हैं. इन बेकार आमों और गुठलियों को फेंके नहीं. इन्हें एक जगह जमा कर लें. इसके साथ ही अपने बगीचे से गिरने वाले सूखे पत्ते, सूखी घास और मुरझाए फूलों को भी इकट्ठा कर लें.
खाद बनाने का आसान तरीका
- बेकार आम, गुठलियां, सूखे पत्ते और बगीचे के कचरे को एक साथ मिलाएं.
- इसमें थोड़ी सी गोबर की खाद मिला दें.
- इस पूरे मिश्रण को 25 से 30 दिनों के लिए अच्छी तरह सड़ने के लिए छोड़ दें.
सब्जियों के कचरे से भी बनेगी खाद
बगीचे में उगी सब्जियों के छिलके, सड़ी सब्जियां या सूखे पत्तों को फेंके नहीं. इन्हें भी थोड़ी गोबर खाद के साथ 15 दिन सड़ने दें. यह भी बेहतरीन खाद बन जाती है.
इस्तेमाल कैसे करें?
तैयार खाद को महीने में सिर्फ एक बार अपने पौधों और फूलों की जड़ों में थोड़ा-थोड़ा डालें.
गार्डन का वेस्ट, गार्डन में ही जाएगा
प्रभात बताते हैं कि गार्डन के कचरे को बाहर फेंकने के बजाय उसी में इस्तेमाल करना चाहिए. यह खाद पौधों के लिए ब्रह्मास्त्र का काम करती है. इसे इस्तेमाल करने के बाद आपको बाजार से कोई केमिकल या दवाई खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
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