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सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब सात महीने बीत चुके हैं, लेकिन बोकारो जिले के लगभग 1.40 लाख विद्यार्थियों को अब तक पोशाक और जूता-मोजा खरीदने की राशि नहीं मिली है। इसके अलावा नवंबर महीने में ठंड लगातार दस्तक दे रही है, अब बच्चों को स्वेटर की भी जरूरत पड़ेगी। लेकिन जिम्मेदार इसके लिए जरा भी चिंतित नहीं दिख रहे हैं। जबकि नवंबर से ही कड़ाके की ठंड लगने की पुरजोर संभावना है।
राशि का भुगतान नहीं होने से खासकर गरीब परिवारों के बच्चों को परेशानी हो रही है। कई बच्चे पुराने यूनिफॉर्म में स्कूल आने को विवश हैं, जबकि कुछ को बारिश और ठंढ के मौसम में पैर में चप्पल पहनकर स्कूल जाना पड़ रहा है। सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पोशाक, जूता-मोजा और अन्य निर्धारित सामग्री के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, जबकि तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजी जाती है। निर्धारित प्रावधान के अनुसार, तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पोशाक के लिए 600 रुपए तथा छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 700 रुपए दिए जाते हैं। इस राशि से बच्चों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा और स्वेटर खरीदनी है। इससे अभिभावक व बच्चे चिंतित हैं।
पुराने ड्रेस में ही विद्यार्थियों को स्कूल जाने की मजबूरी
नए सत्र में बच्चों के लिए पोशाक खरीदना अभिभावकों के सामने अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उनके लिए अपने बच्चों को नया यूनिफॉर्म, जूता और मोजा दिलाना आसान नहीं है। ऐसे में कई बच्चे पुराने कपड़ों में ही स्कूल जा रहे हैं। बारिश और ठंढ में जूते के अभाव में स्कूल आने-जाने में भी परेशानी होती है।
राशि मिलने से बढ़ सकती उपस्थिति
पोशाक और जूता-मोजा की राशि का उद्देश्य विद्यार्थियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना, स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है।
राज्य सरकार से राशि प्राप्त होते ही सभी विद्यार्थियों को वितरण कर दिया जाएगा
पूरे राज्य में पोशाक का पैसा नहीं मिला है। यह समस्या पूरे राज्य में है। राज्य सरकार से जैसे ही इसके लिए पैसा आएगा, वैसे ही बच्चों के बीच वितरित कर दिया जाएगा। – अतुल चौबे, जिला शिक्षा पदाधिकारी, बोकारो।
_photocaption_राजकीय मध्य विद्यालय सेक्टर-2सी में पढ़ाई करते बच्चे।*photocaption*
प्रत्येक कक्षा के हिसाब से मिलती है राशि
सरकारी प्रावधान के तहत कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए 600 रुपए की राशि निर्धारित है। इसमें दो जोड़ी यूनिफॉर्म, एक जोड़ी जूते, दो जोड़ी मोजे और स्वेटर शामिल हैं। कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से उपलब्ध होता है। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को 700 रुपए बैंक खाते में दिए जाते हैं। इससे दो जोड़ी यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और स्वेटर की व्यवस्था की जानी है। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है। लेकिन सत्र 2026-27 शुरू होने के सात महीने बाद भी 1.40 लाख बच्चों को राशि नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।