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2250 patients reached RIMS and Sadar OPD in five days, one in...


रांची16 घंटे पहले

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बदलते मौसम का बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा हो रहा असर, बुखार-खांसी और शरीर दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे अस्पताल

राजधानी में मौसम के लगातार बदलते मिजाज के साथ वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। पिछले एक सप्ताह से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण, शरीर दर्द, उल्टी-दस्त और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

सबसे अधिक प्रभावित बच्चे और बुजुर्ग हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिन में उमस, बीच-बीच में बारिश और रात में ठंडक के कारण वायरस तेजी से फैल रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण का कारण बन सकती है। रिम्स और सदर अस्पताल के आंकड़े संक्रमण की पुष्टि कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों में मौसमी वायरल संक्रमण के लक्षण मिल रहे हैं, जबकि कुछ मरीजों में डेंगू, चिकनगुनिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों की आशंका को देखते हुए जांच भी कराई जा रही है।

सबसे अधिक​ शिकायत बुखार की रिम्स के मेडिसिन और शिशु रोग विभाग की ओपीडी में पिछले 5 दिनों में करीब 1200 मरीज पहुंचे। इनमें 30-35% मरीज वायरल की शिकायत लेकर आए। सबसे अधिक मरीजों में तेज बुखार, गले में दर्द, खांसी, नाक बहना, कमजोरी व शरीर दर्द की समस्या देखी गई। सदर अस्पताल की मेडिसिन व शिशु रोग ओपीडी में इसी अवधि में करीब 1050 मरीज पहुंचे। इनमें भी करीब 30% मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित मिले। अस्पतालों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक रही।

कौन-कौन सी बीमारियां बढ़ रहीं डॉक्टरों के अनुसार, अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और गले का संक्रमण, वायरल फ्लू (इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण), वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस (उल्टी-दस्त), एलर्जी और अस्थमा की समस्या, डेंगू और चिकनगुनिया के संदिग्ध मरीज, टाइफाइड और अन्य पानी से फैलने वाले संक्रमण के मरीज अधिक आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान दूषित पानी, मच्छरों की बढ़ती संख्या और तापमान में उतार-चढ़ाव इन बीमारियों के फैलने की प्रमुख वजह हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा: रिम्स के मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों के अनुसार, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण जल्दी फैलता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इनमें संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और कई मामलों में अस्पताल में भर्ती तक करना पड़ सकता है।

3 दिन से अधिक बुखार, तो जांच कराएं डॉ. आरटी गुड़िया ने कहा कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं। अधिकांश मामलों में बुखार, गले में दर्द, खांसी और शरीर दर्द की शिकायत है। यदि बुखार 3 दिन से अधिक बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना डाॅक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक लेना उचित नहीं है। पर्याप्त पानी पीना, आराम करना और संतुलित भोजन लेना सबसे जरूरी है।– डॉ. आरटी गुड़िया, रिम्स के फिजिशियन बच्चों में लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएं डॉ. शुभम शेखर ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई बच्चे तेज बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। माता-पिता बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ले जाने से बचें, स्वच्छ पानी पिलाएं और बुखार आने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर इलाज से अधिकांश वायरल संक्रमण आसानी से ठीक हो जाते हैं, लेकिन लापरवाही से स्थिति गंभीर हो सकती है।– डॉ. शुभम शेखर, सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी

ऐसे करें बचाव हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। उबला या साफ पानी ही पिएं। बाहर का कटा हुआ या बासी भोजन खाने से बचें। घर और आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी और मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करें। बुखार होने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

अस्पतालों ने बढ़ाई निगरानी रिम्स और सदर अस्पताल में जरूरत पड़ने पर मरीजों की डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमण संबंधी जांच कराई जा रही है। मलेरिया के मामले भी बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक करीब 21 हजार मलेरिया मरीज मिल चुके हैं।



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