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25 हजार लागत, सवा दो लाख शुद्ध मुनाफा… 50 डिसमिल में कुंदरी...


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25000 लागत, सवा दो लाख शुद्ध मुनाफा… कुंदरी की खेती ने किसान को किया मालामाल

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Bokaro Farmer Earned Good With Kunduri: बोकारो के किसान कोलेश्वर महतो ने 50 डेसिमल में कुंदरी की खेती कर करीब ₹2.25 लाख का शुद्ध मुनाफा कमाया है. उन्होंने बताया कि लागत 25 हजार के लगभग आयी थी और कमाई बढ़िया हुई है. वे दूसरे किसानों को भी नकदी फसलें लगाने की सलाह देते हैं.

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बोकारो. बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड स्थित ओबरा गांव के किसान कोलेश्वर महतो अपनी मेहनत और स्मार्ट खेती के दम पर अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं. उन्होंने 50 डेसिमल जमीन में कुंदरी की खेती कर न सिर्फ लाखों रुपये की कमाई की है, बल्कि आसपास के किसानों को भी नकदी फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया है. कोलेश्वर महतो ने बताया कि वह पेशे से किसान हैं और उनके परिवार में कई पीढ़ियों से खेती की परंपरा चली आ रही है.

उन्होंने इस साल अप्रैल महीने में 50 डेसिमल भूमि में कुंदरी की खेती की थी. उनका कहना है कि कुंदरी एक ऐसी सब्जी है, जिसकी बाजार में सालभर मांग बनी रहती है. इसकी खास बात यह है कि एक बार फसल तैयार होने के बाद किसान लगातार 4 से 5 महीने तक इसकी तुड़ाई कर सकते हैं, जिससे नियमित आमदनी होती रहती है.

इतना आया खर्च, इतना मिलेगा मुनाफा
उन्होंने आगे बताया कि 50 डेसिमल में कुंदरी की खेती करने में लगभग ₹25,000 की लागत आई और पूरे सीजन में इससे करीब 80 से 100 क्विंटल उत्पादन होता है, जिसे वह पेटरवार मंडी में बेचते हैं. जहां कुंदरी का औसत भाव 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल जाता है. ऐसे में औसतन 25 रुपये प्रति किलो के भाव के अनुसार पूरे सीजन में लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये की आमदनी होती है और लागत निकालने के बाद करीब 2 लाख 25 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा मिल जाता है.

दूसरी फसलों की तुलना में कम देखभाल
आखिर में कोलेश्वर महतो ने किसानों को सलाह दी है कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुंदरी की खेती बेहद लाभदायक विकल्प है, क्योंकि दूसरी फसलों की तुलना में इस फसल में देखभाल कम करनी पड़ती है और कीटों का प्रकोप भी काफी कम होता है. हालांकि, बरसात और सावन के मौसम में कुछ कीटों की समस्या बढ़ सकती है, लेकिन समय पर कीटनाशक का छिड़काव कर इससे आसानी से बचाव किया जा सकता है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …

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