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रांची सहित पूरे राज्य में मानसून की सुस्त चाल किसानों को परेशान करने लगी है। 27 जून तक राज्य में 160 एमएम बारिश के मुकाबले महज 61 एमएम बारिश हुई है। यानी 62% कम बारिश हुई है। रांची की स्थिति भी खराब है। मानसून के झारखंड में प्रवेश के 16 दिन बाद भी रांची में सामान्य से 25% कम बारिश हुई है। अब तक 168 एमएम सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन महज 125.7 एमएम ही हुई है। इधर, मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। लेकिन 30 जून और 1 जुलाई को राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग अंतर्गत देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, दक्षिण भाग में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, मध्य भाग के तहत रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़, धनबाद में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग रांची के अनुसार, 28 जून से 3 जुलाई तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। अनेक स्थानों पर गर्जन-वज्रपात के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले चार दिन महत्वपूर्ण, अच्छी बारिश के आसार अगले 3-4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से होते हुए झारखंड में पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। जुलाई के पहले सप्ताह में भी बारिश होने की संभावना है। किसानों को निचले क्षेत्रों में बिचड़ा लगाने की जरूरत है। ऊपरी क्षेत्र में वैकल्पिक फसल लगाना चाहिए।- अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक
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