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Bokaro Agriculter News: बोकारो के किसान त्रिलोचन महतो ग्राफ्टेड नींबू की खेती से सालाना ₹50,000 कमा रहे हैं. वे सब्जियों के साथ नींबू उगाते हैं. जहां 50 पेड़ों से 25,000 नींबू का उत्पादन होता है. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में.
बोकारो: पारंपरिक खेती के साथ अगर नगदी फसलों को भी अपनाया जाए तो अच्छी आय अर्जित की जा सकती है. इसका बेहतरीन उदाहरण बोकारो जिले के चास प्रखंड के उलगोड़ा गांव के किसान त्रिलोचन महतो हैं. जो सब्जियों की खेती के साथ-साथ ग्राफ्टेड नींबू की खेती कर हर साल अच्छी कमाई कर रहे हैं. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में.
25000 नींबू का होता है उत्पादन
लोकल 18 से खास बातचीत में किसान त्रिलोचन महतो ने बताया कि उनके बगीचे में करीब 50 ग्राफ्टेड नींबू के पेड़ हैं और इन पौधों को उन्होंने कोलकाता से मंगवाया था. क्योंकि ग्राफ्टेड पौधों की खासियत यह है कि ये सामान्य पौधों की तुलना में जल्दी तैयार हो जाते हैं और 2 से 3 साल के भीतर फल देना शुरू कर देते हैं. उन्होंने बताया कि 50 पौधे लगाने में उन्हें करीब 15,000 की लागत आई थी. प्रत्येक पेड़ साल में दो बार फल देता है, जिससे 50 पेड़ों से सालाना करीब 25,000 नींबू का उत्पादन हो जाता है और पिंडरा जोड़ा बाजार में एक नींबू की कीमत 2 रूपये तक मिल जाती है. इस हिसाब से हर साल ₹50,000 तक की आय आसानी से हो जाती है.
नींबू की खेती में है जबरदस्त फायदा
किसान त्रिलोचन महतो ने बताया कि नींबू की खेती में उत्पादन के साथ-साथ कटाई, पैकिंग और भंडारण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है. क्योंकि अधिक समय तक तेज धूप में नींबू रखने से जल्दी खराब होने लगते हैं. इसलिए नींबू के तुड़ाई के बाद इन्हें छायादार स्थान पर रखना चाहिए.
वहीं, अगर आप नींबू की खेती के इच्छुक हैं और नए पौधों के साथ शुरुआत कर रहे हैं तो शुरुआत से ही रखरखाव और खरपतवार पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा. इस प्रक्रिया में करीबन 7 साल का समय लग सकता है. ऐसे में अगर आप व्यावसायिक स्तर पर नींबू की खेती शुरू करना चाहते हैं तो ग्राफ्टेड पौधों का चयन करना बेहतर है. क्योंकि इनमें जल्दी फल आ जाते हैं और उत्पादन भी अच्छा मिलता है
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
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